​सेना में खत्म हुआ एक तिहाई तनख्वाह रोकने का चलन

0

अब 10 महीने तक अपनी रिपोर्टिंग न देने वालों को मिली राहत – सेना के जवानों और जेसीओ को नहीं भरना पड़ेगा पार्ट-2 ऑर्डर 



नई दिल्ली, 11 दिसम्बर (हि.स.) । सीमा पर देश की रक्षा में तैनात सैनिकों को अब अपनी एक तिहाई तनख्वाह से वंचित नहीं होना पड़ेगा। अभी तक सेना में लगातार 10 महीने तक अपनी रिपोर्टिंग न देने वाले जवानों और जेसीओ के वेतन का एक तिहाई हिस्सा काट लिया जाता था। अब तीनों सेनाओं के लिए रक्षा मंत्रालय के तहत बने नए डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (डीएमए) ने कंट्रोलर जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट (सीजीडीए) को वेतन में कटौती न किये जाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।​

दरअसल किसी भी कारण से छुट्टी पर जाने या कहीं दूसरी जगह पोस्टिंग या प्रमोशन पर जाने के बाद 10 महीने तक पार्ट-2 ऑर्डर न भरने वाले जवान या जेसीओ की तनख्वाह में एक तिहाई कटौती की जाने लगती थी। कई बार जवानों की पोस्टिंग 10 महीने से ज्यादा वक्त तक एक ही जगह पर रहती है और इस दौरान वो छुट्टी पर भी नहीं जाते हैं लेकिन उन्हें भी पार्ट-2 ऑर्डर भरना पड़ता था। हालांकि सेना में इस तरह का कोई नियम नहीं है लेकिन अधिकारियों के स्तर पर यह चलन लागू किया गया था। यह रकम काफी मशक्कत और शिकायतों के बाद सैनिकों को वापस मिल पाती थी।
 
हाल ही में रक्षा मंत्रालय के तहत बने नए विभाग मिलिट्री अफेयर्स मिलिट्री अफेयर्स तक जब यह मामला पहुंचा तो डीएमए ने इस परंपरा को गलत ठहराते हुए साफ कर दिया कि पार्ट-2 ऑर्डर न देने पर सैनिकों की एक तिहाई तनख्वाह रोकना गलत है। इतना ही नहीं डीएमए ने कंट्रोलर जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट को तत्काल इस तरह तनख्वाह में कटौती किये जाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। डीएमए ने यह भी कहा कि अब नवम्बर के बाद पार्ट-2 ऑर्डर नहीं भरने पर किसी जवान या जेसीओ की तनख्वाह काटी गई तो इसे निर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा। साथ ही तनख्वाह रोकने के बजाय रिपोर्टिंग सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *