बिहार में जमीन अधिग्रहण के दौरान कीमतों के निर्धारण में उदारता बरती जायेः नीतीश कुमार

0

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 266 करोड़ रुपये से कोइलवर में सोन नदी पर बने अपस्ट्रीम पुल का केंद्रीयसड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने किया लोकार्पण-सीएम ने कहा, जितनी ज्यादा सड़कों और पुलों का निर्माण होगा, राज्य में उतनी अधिक प्रगति होगीबिहार में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग की काफी संभावनाएं हैं



पटना, 10 दिसम्बर (हि.स.)। एक अणे मार्ग स्थित नेक संवाद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 266 करोड़ रुपये की लागत से कोइलवर में सोन नदी पर बने अपस्ट्रीम पुल का सड़क परिवहन और राजमार्ग एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी ने लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जितनी ज्यादा सड़कों और पुलों का निर्माण होगा, राज्य में उतनी अघिक प्रगति होगी। केंद्र सरकार ने सड़कों और पुलों के निर्माण में हमलोगों से जमीन के अधिग्रहण के संबंध में जो अपेक्षाएं हैं उसमें सहयोग करेंगे। राज्य सरकार केंद्र सरकार को सरकारी जमीनें निःशुल्क उपलब्ध कराती है। राज्य में विकास के कई कार्य किये गये हैं। लोगों में विकास को लेकर और उम्मीदें बढ़ी हैं। राज्य में सड़कों के निर्माण होने से जमीन की कीमतें भी बढ़ी हैं। जमीन के अधिग्रहण के दौरान केंद्र सरकार से निर्धारित राशि से संतुष्ट नहीं होने पर किसानों को राज्य सरकार भी अपनी तरफ से राशि देती रही है। मेरा आग्रह है कि बिहार में जमीन अधिग्रहण के दौरान कीमतों के निर्धारण में उदारता बरती जाये।

मुख्यमंत्री ने दानापुर-बिहटा एलिवेटेड पथ की स्वीकृति के लिए नितिन गडकरी को धन्यवाद दिया। कहा, बिहटा में नया एयरपोर्ट बनाने का काम शुरू किया गया है। इस एलिवेटेड पथ के बनने से बिहटा एयरपोर्ट तक जाने में लोगों को काफी सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि हमलोगों की मांग पर लखनऊ से गाजीपुर तक बनने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को बिहार के बक्सर तक विस्तारित करने की अनुमति दी गई है। बक्सर से बनारस तक 4 लेन सड़क के निर्माण से बिहार के लोगों का वाराणसी तक आवागमन आसान हो जायेगा। कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री सड़क परिवहन और राजमार्ग एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम नितिन गडकरी, उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी, केंद्रीय राज्य मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय जनरल डॉ. वीके सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चैबे, केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री आरके सिंह, बिहार के पथ निर्माण मंत्री मंगल पांडेय और सांसद रामकृपाल यादव ने भी संबोधित किया।

केंद्र की यूपीए सरकार को प्रस्ताव दिया था जिसे अस्वीकृत कर दिया गया

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग की काफी संभावनाएं हैं। राज्य सरकार ने इसके लिए उद्योग नीति में भी परिवर्तन किया है। गडकरी जी ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग के केंद्रीय मंत्री होने के नाते बिहार में ईथनौल उद्योग लगाने को लेकर जो सुझाव औऱ सहयोग का आश्वासन दिया है, उसके लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं। हमने अपने पहले कार्यकाल में उद्योग लगाने को लेकर उस समय की केंद्र की यूपीए सरकार को प्रस्ताव दिया था जिसे अस्वीकृत कर दिया गया था। राज्य में व्यापार बढ़ा है। मुझे खुशी है कि इस कार्यकाल में आपके सहयोग से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग बिहार में विकसित हो सकेगा। बिहार

में उद्योग बढ़ेगा तो रोजगार भी बढ़ेगा। प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का राज्य के विकास कार्य में सहयोग मिल रहा है।

राज्य सरकार राज्य उच्च पथों के निर्माण पर 54 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर रही

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार 50 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा की राशि सड़क और पुल-पुलियों के निर्माण पर खर्च कर रही है। राज्य सरकार ने भी अपनी तरफ से राज्य उच्च पथों के निर्माण पर 54 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च की है। एक बार फिर दुहराते हुए उन्होंने कहा राज्य के सुदूरवर्ती इलाकों से पटना पहुंचने में अधिकतम 6 घंटे के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया है और अब 5 घंटे में पटना पहुंचने के लक्ष्य पर काम जारी है।

 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *