विमानों का सबसे सुरक्षित पनाहगाह बनेगा कोलकाता एयरपोर्ट, तैयारियां पूरी

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कोलकाता, 11 सितम्बर (हि.स.)। केंद्र सरकार की विकास परियोजनाओं के हिस्से के तौर पर कोलकाता एयरपोर्ट विमानों के लिए सबसे सुरक्षित पनाहगाह बनने जा रहा है। इसकी सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहां अत्याधुनिक सर्विस सेंटर बनाया जा रहा है। यह काम मार्च 2021 तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद कोलकाता एयरपोर्ट पर विमानों का आवागमन बढ़ जाएगा। इससे एयरपोर्ट प्रबंधन का न सिर्फ रेवेन्यू बढ़ेगा बल्कि कोलकाता से नार्थ-ईस्ट राज्यों व साउथ-ईस्ट एशिया से उड़ानों की संख्या भी बढ़ेगी।

एयरपोर्ट डायरेक्टर कौशिक भट्टाचार्य ने बताया कि कुल 3 हैंगरों का निर्माण किया जा रहा है। जैसे यह बन जाएगा, इसके बाद इसे विमान के मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाउल (एमआरओ) के लिए एजेंसी को दे दिया जाएगा। यहां बोइंग 737 तथा एयरबस 320 के रखरखाव व मरम्मत का काम होगा।
उन्होंने बताया कि लगभग 85 फीसद परियोजना का काम पूरा कर लिया गया है।अगले साल कुछ समय के लिए एमआरओ फर्मों को बुनियादी ढांचे को लीज पर देने के लिए बोलियां आमंत्रित की जाने की उम्मीद है।
एविएशन एक्सपर्ट्स की मानें तो भारतीय एमआरओ उद्योग तेज गति से बढ़ रहा है। वर्तमान में यह सालाना 11,000 करोड़ रुपये का है। एयरपोर्ट पर बनने वाले इन हैंगरों का निर्माण नारायणपुर के पास रनवे के पूर्वी हिस्से में किया जा रहा है। टैक्सी-वे और एप्रॉन क्षेत्र पर काम पूरा हो गया है। लॉकडाउन के दौरान यह काम बंद हो गया था लेकिन जुलाई में फिर से इसे शुरू किया गया। यह एक एयरलाइन या तीसरी पार्टी एमआरओ फर्म को लीज पर दिया जा सकता है।
लॉकडाउन के दौरान 40 विमान करते हैं नाइट स्टे:
करीब 40 विमान जिनमें ज्यादातर ए 320 या बी 737 हैं, रात में एयरपोर्ट पर स्टे कर रहे हैं। अगर इन हैगरों को चालू कर दिया जाएगा तो इससे विमानों को एमआरओ सुविधा आसानी से मिल जाएगी। इसके अलावा, उत्तर-पूर्व भारत और दक्षिण पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार होने के नाते कोलकाता इस क्षेत्र में एमआरओ के लिए एक मिनी-हब बन सकता है।

 


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