छत्तीसगढ़ में एथेनॉल निर्माण संबंधी 507 करोड़ 82 लाख रुपये के चार प्रस्तावों पर एमओयू

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प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ तथा संबंधित एथेनॉल निर्माण इकाई के उद्योगपतियों द्वारा एमओयू पर हस्ताक्षरछत्तीसगढ़ में पहली बार स्थापित हो रहे एथेनॉल निर्माण की इकाईयां



रायपुर, 08 सितम्बर (हि.स.)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य की पूरे देश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी नई पहचान बनेगी। मुख्यमंत्री बघेल की उपस्थिति में यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ में एथेनॉल निर्माण संबंधी 507 करोड़ 82 लाख रुपये के चार प्रस्तावों पर एमओयू संपन्न हुआ। इन इकाईयों की वार्षिक उत्पादन क्षमता एक लाख 17 हजार 500 किलोलीटर एथेनॉल निर्माण की है, जिसके लिए लगभग 3 लाख 50 हजार टन धान की आवश्यकता होगी। चारों इकाईयों में 583 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। इन इकाईयों में से दो इकाईयां मुंगेली और एक-एक इकाईयां जांजगीर-चांपा तथा महासमुंद में स्थापित होंगे। इन एमओयू पर राज्य शासन की ओर से उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ तथा संबंधित एथेनॉल निर्माण इकाई के उद्योगपतियों द्वारा हस्ताक्षर किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में एथेनॉल निर्माण इकाईयों के स्थापना के लिए बधाई तथा शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इन एथेनॉल निर्माण इकाईयों से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन आएंगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है। यहां एथेनॉल निर्माण की इकाईयों की स्थापना होने से राज्य में धान के आधिक्य का पूरा-पूरा उपयोग होगा। इसका राज्य में गरीब आदिवासी किसानों सभी वर्ग के लोगों को भरपूर लाभ मिलेगा। सीएम बघेल ने कहा कि राज्य सरकार की विशेष पहल से छत्तीसगढ़ में एथेनॉल निर्माण की इकाई की स्थापना संभव हो पाया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की पहचान सीमेंट, बिजली और स्टील प्लांट आदि के रूप में तो विख्यात है ही, लेकिन अब यहां एथेनॉल निर्माण की इकाई से छत्तीसगढ़ की खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी नई पहचान बनेगी।

इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि राज्य में एथेनॉल निर्माण इकाई की स्थापना यहां किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल की पहल पर राज्य सरकार द्वारा की गई है। राज्य में धान खरीदी, उत्पादन तथा निष्पादन की प्रक्रिया सतत रूप से चलने वाली है। एथेनॉल निर्माण की इकाई स्थापित होने से राज्य की आर्थिक व्यवस्था को विशेष गति मिलेगी। इस दौरान एथेनॉल निर्माण की इकाई स्थापित करने वाले उद्योगपतियों से इकाईयों की स्थापना को शीघ्रता से पूर्ण करने के लिए भी कहा गया।

राज्य में एथेनॉल निर्माण के लिए एमओयू संपन्न हुए चार इकाईयों में से मेसर्स छत्तीसगढ़ डिस्टीलरीज लिमिटेड कुम्हारी द्वारा उक्त परियोजना में 157 करोड़ 50 लाख रुपये का पूंजी निवेश किया जाएगा। इससे 1600 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उक्त इकाई द्वारा 36 हजार 500 किलोलीटर एथेनॉल और 1825 किलोलीटर अशुद्ध स्प्रीट के उत्पादन का वार्षिक लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह मेसर्स चिरंजीवनी रियलकॉम प्रायवेट लिमिटेड बिलासपुर द्वारा उक्त परियोजना में 130 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश किया जाएगा। इससे 118 लोगों को रोजगार मिलेगा। इकाई द्वारा 1.80 करोड़ लीटर एथेनॉल, 1.80 करोड़ लीटर ईएनए तथा 14 हजार 400 टन डीडीजीएस वार्षिक उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

इसी तरह मेसर्स क्यूबिको केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड भिलाई द्वारा उक्त परियोजना में 122 करोड़ 32 लाख रुपये पूंजी निवेश किया जाएगा। इससे 222 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध होगा। इकाई द्वारा 33 हजार किलोलीटर एथेनॉल निर्माण का वार्षिक उत्पादन लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा मेसर्स श्री श्याम वेयरहाउसिंग एंड पावर प्रायवेट लिमिटेड द्वारा उक्त परियोजना में 98 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश किया जाएगा। इससे 93 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। इकाई द्वारा 30 हजार किलोलीटर एथेनॉल निर्माण का वार्षिक लक्ष्य रखा गया है।

 


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