55 घंटे बाद टाना भगत का आंदोलन हुआ समाप्त

0

लातेहार, 05 सितंबर (हि.स.)।भूमि पर मालिकाना हक देने तथा लगान को लेकर आंदोलनरत टाना भगत समुदाय का धरना रेलवे ट्रैक से 55 घंटे बाद समाप्त हुआ। शुक्रवार की देर रात टाना भगत को विधायक बैजनाथ राम से  वार्ता  के बाद रेलवे ट्रैक से हटाया गया।
ज्ञात हो कि अपनी मांगों को लेकर टाना भगत समुदाय के लोग गत बुधवार से रेलवे ट्रैक पर धरना दे रहे थे। इस कारण बरकाकाना -गढ़वा रोड रेल पथ पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था. मामले को सुलझाने को लेकर लातेहार जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारियों के साथ स्थानीय विधायक बैजनाथ राम थाना भक्तों को समझाने में लगे हुए थे। शुक्रवार की शाम विधायक बैजनाथ राम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का संदेश लेकर टाना भगत समुदाय के पास पहुंचे।
विधायक ने धरना पर बैठे लोगों को कहा कि टाना भगत का प्रतिनिधिमंडल उनके साथ मुख्यमंत्री से वार्ता के लिए चलें। विधायक के इस प्रस्ताव के बाद कुछ टाना भगत वार्ता के लिए तैयार हो गए ।परंतु उनमें से कई लोग इस बात पर अड़े रहे कि जब तक राज्यपाल या मुख्यमंत्री खुद आकर उनकी मांगों को नहीं मानते हैं ,तब तक धरना जारी रहेगा। इस बात पर विधायक ने नाराजगी भी जताई। देर रात तक दोनों पक्षों में विवाद होता रहा। उसके बाद  धरना दे रहे टाना भगत समुदाय के लोगों को रेलवे ट्रैक से हटा दिया गया।
टाना भगत ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
रेलवे ट्रैक से हटाने के बाद शनिवार की सुबह टाना भगत समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि गत रात्रि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया है। उन्हें मारपीट कर रेलवे ट्रैक से भगाया गया। बुजुर्गों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। महिलाओं के साथ भी मारपीट हुई।
कुछ लोग कर रहे थे राजनीति
विधायक वैद्यनाथ राम ने कहा कि पूरे मामले में टाना भगत समुदाय के कुछ लोग राजनीति कर रहे थे। अधिकांश टाना भगत मुख्यमंत्री से वार्ता के लिए तैयार थे। और वे खुद ही धरना को समाप्त कर रेलवे ट्रैक से हट गए थे। परंतु दो- चार लोग शराब के नशे में जानबूझकर विवाद उत्पन्न कर रहे थे। किसी के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया गया।
रेलवे को हुआ भारी नुकसान
टाना भगत समुदाय के द्वारा 55 घंटे तक रेलवे ट्रैक को जाम किए जाने के बाद रेलवे को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ।

 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *