तीखी होने लगी है जदयू व लोजपा के बीच बयानबाजी

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चिराग पासवान को जदयू सांसद ललन सिंह ने बताया कालिदासकहा, जिस डाल पर बैठे हैं चिराग, उसी को काट रहे हैं  



पटना, 12 अगस्त (हि.स.) । नीतीश सरकार की लगातार आलोचना कर रहे चिराग पासवान को लेकर जनता दल यूनाइटेड आर या पार के मूड में है। पानी अब जदयू के सिर के ऊपर से गुजर रहा है। लिहाजा नीतीश कुमार के बेहद करीबी और पार्टी के सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह ने कमान संभाली है। ललन सिंह ने लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान पर बुधवार को जोरदार हमला बोला है।

बिहार में कोरोना महामारी को लेकर चिराग पासवान लगातार नीतीश सरकार की आलोचना कर रहे हैं। महामारी से निपटने के लिए सरकार की तरफ से किए जा रहे इंतजामों पर सवाल खड़े कर रहे हैं जिसे लेकर  ललन सिंह ने चिराग पासवान पर हमला बोल दिया है।ललन सिंह ने चिराग पासवान को कालिदास बताया है। जदयू सांसद ने कहा कि चिराग पासवान जिस डाल पर बैठते हैं, उसी को काटते हैं। चिराग  विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। कोरोना जांच को लेकर बार-बार सवाल उठाए जाने पर जदयू के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद ललन सिंह भड़क गये हैं। कहा जिस डाल पर बैठते हैं, उसी को काटने में लग जाते हैं। चिराग का कहीं पर निगाहे और कहीं पर निशाना होता है। वह विपक्ष की भूमिका निभा रहे है। निंदक जितना नजदीक रहे उतना अच्छा रहता है। ललन सिंह ने दावा किया कि बिहार में आज 83 हजार टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार काम करने में विश्वास रखते हैं।

लोजपा ने पीएम के बयान का किया था समर्थन

लोजपा ने बिहार सरकार को टेस्टिंग बढ़ाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव का स्वागत किया है। लोक जनशक्ति पार्टी पहले से यह मांग बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से करती आयी है। पार्टी ने अब प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप के बाद कोरोना जांंच में तेज़ी आने की उमीद जताई है। वह  यह मांग पहले से  करती आयी है कि बिहार में कोरोना की जांच बढ़ाने की आवश्यकता है। अब प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप कर सुझाव देने के बाद आशा ही नहीं बल्कि विश्वास है कि बिहार सरकार जांच बढ़ाएगी ताकि बिहार को कोरोना से सुरक्षित किया जा सके। कल पीएम नरेंद्र मोदी बिहार के सीएम समेत कई राज्यों के सीएम से कोरोना संकट पर बात कर रहे थे। इस दौरान पीएम ने कहा था  कि बिहार समेत कई राज्यों को टेस्टिंग बढ़ाने की जरूरत है। 80 प्रतिशत एक्टिव केस सिर्फ 10 राज्यों से आ रहे हैंं। सभी राज्य कोरोना संकट में केंद्र के साथ मिलकर काम करें। अब हॉस्पिटल और डॉक्टरों पर दवाब बढ़ गया है।

 


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