इजरायल के रक्षा मंत्री से चीन सीमा विवाद पर हुई राजनाथ की बात

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राजनाथ सिंह ने लेफ्टिनेंट जनरल बेंजामिन गैंट्ज को दिया भारत दौरे का निमंत्रण    भारत के मौजूदा रक्षा खरीद कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाने पर भी हुई चर्चा 



नई दिल्ली, 24 जुलाई (हि.स.)। चीन के साथ चल रही सैन्य तनातनी के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को इजरायल के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल बेंजामिन गैंट्ज के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ भारत के सीमा विवाद के मुद्दे पर भी बातचीत हुई​। बातचीत का मुख्य जोर मौजूदा रक्षा खरीद कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाने के साथ ही दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा के संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर था। इसलिए यह वार्ता अहम मानी जा रही है क्योंकि इस समय चीन की सीमा पर पूर्वी लद्दाख में तैनात भारतीय सेनाओं को भारी मात्रा में गोला-बारूद और शस्त्र प्रणालियों की जरूरत है जिसकी आपूर्ति इजरायल कर सकता है।
 
दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान दोनों रक्षा मंत्रियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा हालात पर भी विचारों का आदान प्रदान किया। दोनों राजनेताओं ने कोविड -19 महामारी की रोकथाम के लिए अनुसंधान और विकास में आपसी सहयोग पर संतोष व्यक्त किया, जो न केवल दोनों देशों को लाभान्वित करेगा, बल्कि संपूर्ण मानवता की भी सहायता करेगा। रक्षा मंत्री ने रक्षा निर्माण में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की नए उदार व्यवस्था के तहत इजरायली रक्षा कंपनियों को अधिक से अधिक भागीदारी करने के लिए आमंत्रित किया। 
 
राजनाथ सिंह ने जनरल गैंट्ज से कहा कि भारत के रक्षा क्षेत्र में विदेशी निवेश के नियमों में काफी सुधार किया गया है जिसका  इजरायल की कम्पनियां लाभ उठा सकती हैं। दोनों मंत्रियों ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया। राजनाथ सिंह ने उन्हें भारत दौरे का निमंत्रण दिया जिसे स्वीकार करते हुए इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा कि जितना जल्द यह मुमकिन हो सकेगा वह भारत का दौरा करेंगे। इस दौरान पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ भारत के गतिरोध पर चर्चा हुई। राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। हमने कोविड-19 की स्थिति पर भी चर्चा की कि हम आपसी सहयोग से इस खतरे से कैसे लड़ सकते हैं।
 
दरअसल भारत सरकार आपातकालीन वित्तीय शक्तियों के तहत इजराइल से हेरोन निगरानी ड्रोन और स्पाइक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों के लिए ऑर्डर देकर अपनी मारक क्षमताओं को बढ़ाने पर विचार कर रहा है। इसके कुछ दिनों के बाद ही दोनों देशों के रक्षामंत्रियों के बीच यह बातचीत हुई है। इजरायल रक्षा मंत्रालय की एक उच्च स्तरीय टीम जल्द ही स्पेशल फ्लाइट से भारत का दौरा करने ​वाली है​। इस टीम का यह दौरा भारत के साथ रक्षा सौदों की डील फाइनल करने और रक्षा उपकरणों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए होगा। इजरायली दूतावास की तरफ से कल जारी एक बयान में कहा गया है कि इजरायली रक्षा मंत्रालय का उच्च श्रेणी का अनुसंधान एवं विकास दल स्पेशल फ्लाइट से नई दिल्ली पहुंचेगा। टीम को ला रही स्पेशल फ्लाइट में कोरोना महामारी से निपटने के लिए नई उभरती इजराइली तकनीक भी भारत को दी जाएगी, जो इजरायली विदेश मंत्रालय और वहां के प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों की तरफ से भारत को भेंट होगी।

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