भारत-चीन के सैन्य कमांडरों की फिर होगी बैठक

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भारत-चीन सीमा मामलों के बारे में ‘विचार-विमर्श और समन्वय तंत्र’ की बैठक में हुआ फैसला  पूर्वी लद्दाख में सैनिकों को पीछे हटाने के काम में तेजी लाने पर बनी सहमति 



नई दिल्ली, 24 जुलाई (हि.स.)। भारत और चीन के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को पूर्वी लद्दाख में अग्रिम सैन्य टुकड़ियों को हटाने और तनाव कम करने के लिए जारी प्रक्रिया की समीक्षा की। दोनों पक्षों में सहमति बनी की सीमा क्षेत्र में सामान्य स्थिति कायम करने के लिए आवश्यक कदमों पर विचार करने की दृष्टि से दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की बैठक की जाए।

भारत-चीन सीमा मामलों के बारे में विचार-विमर्श और समन्वय तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की सत्रहवीं बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि पूर्वी लद्दाख में सैनिकों को पीछे हटाने का काम तेज गति और पूरी तरह हो। बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्व एशिया) और चीन की ओर से विदेश मंत्रालय में सीमा एवं समुद्र विभाग के महानिदेशक ने भाग लिया। दोनों पक्षों ने तय किया कि डब्ल्यूएमसीसी के तहत बैठकें करने के साथ ही कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर संपर्क जारी रखा जाएगा।

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में स्थिति और पश्चिमी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ चल रही सैन्य टकराव को रोकने की प्रक्रिया की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने इस बात को उल्लेख किया कि यह प्रक्रिया दोनों देशों की ओर से नियुक्त विशेष प्रतिनिधियों (एसआर) के बीच 5 अप्रैल 2020 को टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान बने समझौते के अनुरूप है। वे इस संबंध में सहमत थे कि दोनों पक्षों के लिए आज तक वरिष्ठ कमांडरों के बीच बैठकों के दौरान बनी समझ को लागू करने के लिए ईमानदारी प्रयास करना आवश्यक है।

 


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