हाई कोर्ट ने फीस के मुद्दे पर अभिभावकों को दी राहत , एक निजी स्कूल संगठन ने कल से ऑनलाइन शिक्षा बंद करने की घोषणा की

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गुजरात हाईकोर्ट ने निजी स्कूल प्रिंसिपलों को दिया जोरदार झटका- 6000 निजी स्कूलों ने कल से ऑनलाइन शिक्षा बंद करने का किया एलान 



अहमदाबाद , 22 जुलाई (हि.स.)| कोरोना संकट के बीच गुजरात हाई कोर्ट ने अभिभावकों को राहत दी है| हाई कोर्ट ने स्कूल खुलने तक फीस मांगने पर रोक लगा दी है | इसके साथ ही फीस वसूलने के विवाद के बीच राज्य के सबसे बड़े निजी स्कूलों के संगठनों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कल से ऑनलाइन शिक्षा बंद करने का फैसला किया है। हालांकि, गुजरात राज्य स्कूल प्रशासकों के महासंघ ने स्पष्ट किया है कि उनके संगठन ने ऑनलाइन शिक्षा को रोकने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया है।
बुधवार को हाई कोर्ट में याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ कहा कि स्कूल प्रशासक तब तक स्कूल की फीस की मांग नहीं कर सकते, जब तक स्कूल फिर से नहीं खुल जाते। गुजरात हाईकोर्ट ने स्कूल फीस के मुद्दे पर अभिभावकों को राहत देते हुए फैसला सुनाया कि स्कूल को दोबारा खोलने तक प्रशासक फीस की मांग नहीं कर सकते।
एक अन्य घटनाक्रम में , आज गुजरात के निजी स्कूलों के प्रिंसिपलों की एक बैठक हुई और ऑनलाइन शिक्षा को बंद करने का फैसला किया गया है। ऑनलाइन शिक्षा को बंद करने को लेकर पर निजी स्कूल प्रबंधन संगठनों में मतभेद भी सामने आ गए। स्कूल प्रशासकों ने ऑनलाइन शिक्षा बंद न करने का निर्णय किया है |
राजकोट के निजी स्कूल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के उपाध्यक्ष जतिन भारडे ने कहा कि राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य में स्कूल खुलने तक फीस नहीं लेने का प्रस्ताव पारित किया है। स्कूल प्रशासकों को इस पर आपत्ति है। क्योंकि फीस के बिना स्कूल प्रशासक शिक्षक, कर्मचारियों के वेतन और अन्य खर्चों को वहन नहीं कर सकते। ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करने में भी स्कूलों को काफी खर्च करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उनके संगठन से  जुड़े 6000 स्कूलों ने छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा देना बंद करने का फैसला किया है| अहमदाबाद-वडोदरा-राजकोट-सूरत के अलावा, क्षेत्र के निजी स्कूल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कल से ऑनलाइन शिक्षा को रोकने का फैसला किया है।
दूसरी ओर, गुजरात स्टेट स्कूल प्रिंसिपल्स फेडरेशन के अध्यक्ष भास्कर पटेल ने कहा कि उनके संगठन के बोर्ड ने अभी तक ऑनलाइन शिक्षा बंद करने का कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहाकि हमारा संगठन का मानना है कि किसी भी परिस्थिति में शिक्षा का त्याग नहीं किया जाना चाहिए।

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