विदेशी छात्रों के लिए देश के 42 संस्थानों में फेलोशिप कार्यक्रम शुरू

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नई दिल्ली, 01 जुलाई (हि.स.)। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बुधवार को ई-पुस्तकों के विमोचन के मौके पर चिकित्सा समुदाय को अपने पेशे में नैतिक व्यवहार का पालन करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा “गुड क्लिनिकल प्रैक्टिस गाइडलाइंस हैंडबुक एक मेडिकल प्रोफेशनल से अपेक्षित नैतिक और पेशेवर आचरण के सिद्धांतों का पालन करने के लिए नेशनल बोर्ड (डीएनबी) के सभी डिप्लोमेट्स को मार्गदर्शक बिंदु प्रदान करने का एक प्रयास है। यह अभ्यास डॉक्टरों और रोगियों की सुरक्षा के लिए समान है।उन्होंने डीएनबी निवासी प्रशिक्षण जीवन के प्रारंभिक वर्षों के दौरान गुड क्लिनिकल प्रैक्टिशनर ’के रूप में अपनी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को समझने के महत्व पर जोर दिया।
डॉ. हर्षवर्धन ने अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए फेलोशिप प्रोग्राम (एफपीआईएस) जारी किया। यह फेलोशिप कार्यक्रम साल 2020-21 के सत्र के लिए 42 प्रीमियम संस्थानों में 11 विशिष्टताओं वाले विषयों में शुरू किए जा रहे हैं। इस मौके पर डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि यह पहली बार है कि सार्क देशों सहित सभी देशों के छात्रों के लिए अंतर्राष्ट्रीय फेलोशिप कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा क्षेत्र में यह फेलोशिप कार्यक्रम देश की प्रतिष्ठा को बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि एनबीई के प्रमुख डीएनबी कार्यक्रम 82 विषयों और आधुनिक चिकित्सा की उप-विशिष्टताओं में पेश किए जाते हैं, जिसमें डीएनबी प्रोग्राम 29 ब्रॉड में, 30 सुपर स्पेशियलिटी और फैलोशिप प्रोग्राम में 70 उप-निजी और सरकारी संस्थानों में 23 उप-विशिष्टताओं में शामिल हैं। एनबीई देश भर में सरकारी, नगरपालिका, निजी क्षेत्र के अस्पतालों को प्रोत्साहित कर रहा है ताकि मौजूदा बुनियादी ढाँचे और नैदानिक संसाधनों का उपयोग करते हुए पोस्ट ग्रेजुएट सीटों की संख्या बढ़ाकर देश में विशेषज्ञ अंतर को पाटने के लिए डीएनबी कार्यक्रम शुरू किया जा सके।
उन्होंने डॉक्टर्स दिवस के मौके पर सभी कोरोना वॉरियर को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन सभी डॉक्टरों के लिए एक प्रेरणा लेने का दिन है। यह दिन हमें डॉ. बिधानचंद्र राय जी की पवित्र स्मृतियों की ओर ले जाता है। वे शिक्षाविद थे, अत्यंत संवेदनशील, स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना की संकट की घड़ी में ये ईश्वर के ही रूप हैं, जो खुद को खतरे में डालकर हमें बचा रहे हैं।

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