दिल्ली के बजट होटल और गेस्‍ट हाउस में अब नहीं ठहर सकेंगे चीनी नागरिक

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नई दिल्‍ली, 25 जून (हि.स.)। गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद चीन के प्रति भारतीय नागरिकों और करोबारी संगठनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लद्दाख बॉर्डर पर बढ़ते तनाव के बीच राजधानी दिल्ली के बजट होटलों और गेस्ट हाउसों में चीनी नागरिकों को नहीं ठहराने का बड़ा फैसला होटल एसोसिएशन ने किया है।

कन्‍फेडरेशन ऑफ आॉल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के चीनी सामानों के बहिष्कार के आह्वान पर दिल्ली के बजट होटलों के संगठन दिल्ली होटल एंड गेस्ट हाउस ओनर्स एसोसिएशन (धुर्वा) ने गुरुवार को ये फैसला लिया।होटल एंड गेस्ट हाउस ओनर्स एसोसिएशन ने घोषणा की है कि चीन की हरकतों को देखते हुए राजधानी दिल्ली के होटल और गेस्ट हाउस में अब से किसी भी चीनी नागरिक को ठहराया नहीं जाएगा। बता दें कि दिल्ली में करीब 3 हजार बजट होटल और गेस्ट हाउस हैं, जिनमें लगभग 75 हजार कमरे हैं।

धुर्वा एसोसिएशन के महामंत्री महेंद्र गुप्ता ने कहा कि भारत के प्रति चीन के मौजूदा व्‍यवहार और हिंसक झड़प में भारतीय सैनिकों के शहीद होने से दिल्ली के होटल कारोबारियों में बेहद आक्रोश है। उन्होंने कहा कि ऐसे वक्‍त में जब कैट ने देशभर में चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का अभियान चलाया है, उसी तर्ज पर दिल्ली के होटल और गेस्ट हाउस कारोबारियों ने भी यहां किसी भी बजट होटल या गेस्ट हाउस में किसी भी चीनी व्यक्ति को नहीं ठहराएगा।

वहीं, कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे ये स्पष्ट है कि कैट के चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के आह्वान से देश के विभिन्न वर्गों के लोग जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी सिलसिले में कैट अब ट्रांसपोर्ट, किसान, हॉकर्स, लघु उद्योग, उपभोक्ता स्वयं उद्यमी, महिला उद्यमी के राष्ट्रीय संगठनों से संपर्क कायम कर उन्हें भी इस अभियान से जोड़ेगा।

 


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