उत्तराखंड के मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्री घरेलू एकांतवास में गए

0

कोरोना पॉजिटिव मिले सतपाल महाराज के साथ कैबिनेट बैठक में शामिल हुए थे मंत्री  29 मई को हुई कैबिनेट बैठक में नहीं पहुंचने वाले दो मंत्री नहीं रहेंगे एकांतवास में



देहरादून, 01 जून (हि.स.)। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंंह रावत समेत 29 मई की कैबिनेट बैठक में शामिल होने वाले सभी मंत्री घरेलू एकांतवास (क्वारंटाइन) में चले गए हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन ने एक ट्वीट में जानकारी दी है कि 29 मई को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में उपस्थित रहे सभी मंत्री और अधिकारी भी एकांतवास में जा रहे हैं। शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में नहीं पहुंचने वाले दो मंत्री एकांतवास में नहीं जा रहे हैं। गौरतलब है कि राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और उनके बेटे-बहुओं और स्टॉफ के 17 लोगों का कल कोरोना टेस्ट पाजिटिव आया था। उसके बाद कल शाम को सतपाल महाराज और बेटे-बहुओं को एम्स (ऋषिकेश) में भर्ती कराया गया। महाराज की पत्नी एवं पूर्व मंत्री अमृता रावत का कोरोना टेस्ट भी शनिवार को पॉजिटिव आया था, जिसके बाद रविवार को 11 बजे उन्हें एम्स (ऋषिकेश) में पहले ही भर्ती कराया गया था। इस तरह अब उनके परिवार के लोग एम्स में भर्ती हैं।

उधर, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री एवं शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने आज यहां अपने घर से जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद सभी मंत्री फिलहाल गृह एकांतवास में हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग की जो भी गाइडलाइन आएगी, हम उसके अनुसार आगे की कार्यवाही अमल में लाएंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक प्रशासन से उन्हें इस बारे में कोई किसी तरह का दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब हम सार्वजनिक जीवन में काम कर रहे होते हैं तो कई बार शासकीय और सार्वजनिक कार्यों में जाना पड़ता है। कई बार कई स्थानों पर जाना आवश्यक हो जाता है लेकिन इस तरह की परिस्थितियां पैदा होने पर हम अपने दायित्वों का बखूबी निर्वाह भी करते हैं। इसकी मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि सतपाल महाराज को जैसे ही पता चला, उन्होंने अपना और अपने लोगों का टेस्ट करवाया और तुरंत हम लोगों को जानकारी दी। बाद में खुद पहल करके अस्पताल में भर्ती हुए, इसलिए हम लोग अपने दायित्वों के निर्वहन के साथ ही राज्य सरकार और केंद्र सरकार के गाइडलाइन का पूर्ण रुप से पालन कर रहे हैं।

कौशिक ने कहा कि अब अनलॉक के दौरान राज्य में कब और क्या खुलना है, इसके लिए भारत सरकार अलग-अलग चरणों में गाइडलाइन जारी करेगी। जिन मामलों में राज्य सरकार पर छोड़ा गया है, उस पर राज्य सरकार जरूर निर्णय करेगी। दूसरे राज्यों से हमारे राज्य में आने वाले लोगों के बारे में अगर सरकार राज्यों पर छोड़ रही है तो हम निश्चित रूप से इस पर 8 जून के बाद विचार करेंगे। इस तरह के जो भी मामले हैं, उन सब पर राज्य सरकार विचार करेगी। उन्होंने बताया कि कल जब यह पता चला कि सतपाल महाराज का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है तो उसके बाद मुख्यमंत्री और हम लोगों ने खुद को गृह एकांतवास में रखने का निर्णय किया। इसके बाद तय किया गया कि जो भी स्वास्थ्य विभाग और उत्तराखंड शासन की गाइडलाइन होगी, उसके हिसाब से हम लोग काम करेंगे। फिलहाल हम लोगों ने अपने को गृह एकांतवास किया हुआ है लेकिन जो भी शासन का निर्णय आएगा, उस गाइडलाइन का हम लोग पालन करेंगे। आज वर्तमान हालात में जो परिस्थितियां बनी हैं, उसमें जरूरी है कि शारीरिक दूरी और मास्क आदि का उपयोग करें। इसके साथ ही भारत सरकार की गाइड लाइन का भी पूरी तरह से अनुपालन करें।

गौरतलब है कि बीती देर रात भारत सरकार की निर्धारित गाइडलाइन की जानकारी देते हुए सचिव (स्वास्थ्य) अमित नेगी ने बताया था कि संक्रमित व्यक्ति की कान्टेक्ट ट्रेसिंग के संबंध मे प्रावधान है कि अधिक रिस्क वाले कान्टेक्ट की दशा में 14 दिन के लिए गृह एकांतवास किया जाएगा और आईसीएमआर के प्रोटोकोल के अनुसार टेस्ट कराया जाएगा। कम रिस्क वाले कान्टेक्ट अपना कार्य पहले की तरह कर सकते हैं। 14 दिनों तक उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जाएगी। चूंकि कैबिनेट बैठक में मंत्रीगण व अधिकारी भारत सरकार के दिशा-निर्देशो के अनुसार सतपाल महाराज के क्लोज कान्टेक्ट में न होने के कारण कम रिस्क वाले कान्टेक्ट के अंतर्गत आते हैं। वे अपना कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं और उन्हें एकांतवास किए जाने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि सतपाल महाराज ने 23 मई को संस्कृति विभाग के कलाकारों और 26 मई को पर्यटन विकास परिषद  की भी मीटिंग की थी और अमृता रावत अपने बेटे सुयश के साथ 15 मई को चौबट्टाखाल (पौड़ी) में राशन वितरण आदि कार्यक्रमों में शामिल हुई थीं लेकिन इस मामले में अभी तक शासन ने चुप्पी साध रखी है।

 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *