महंत नृत्यगोपाल दास का प्रण पूरा हुआ, 28 साल बाद किये रामलला के दर्शन

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मणिराम दास छावनी में बने लड्डुओं का महंत दास ने रामलला को भोग लगाया  



अयोध्या, 25 मई (हि.स.)। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एवं राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास ने सोमवार को 28 साल बाद रामलला के दर्शन किये। 1992 में हुई कार सेवा के बाद उन्होंने राम मंदिर बनने पर ही रामलला के दर्शन करने का प्रण लिया था। अब राम मंदिर निर्माण के लिए जन्मभूोमि परिसर में जमीन के समतलीकरण का कार्य चल रहा है जिसे वे मंदिर के निर्माण की शुरुआत मानते हैं। इसलिए आज प्रातः काल उन्होंने रामलला के अस्थाई मंदिर में रामलला के दर्शन किये और मन्दिर निर्माण के कार्यों का जायजा लिया।
ट्रस्ट अध्यक्ष महंत दास ने दर्शन के बाद  बातचीत में कहा कि आज राम लला के दर्शन करने से मन में बहुत ही आनन्द की अनुभूति हुई। राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए किए जा रहे समतलीकरण में मिले पुरातात्विक अवशेषों के विषय में उन्होंने कहा कि राममंदिर पहले भी था, आज भी हैं। वहां बाबरी मस्जिद कभी नहीं थी। इन सबूतों से उन लोगों को करारा जवाब भी मिल गया है। राम मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है, जमीन का समतलीकरण उसी का प्रथम चरण है। अब राम भक्त जल्द रामलला के दर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि योग्य और अनुभवी श्रमिकों के साथ ही शिल्पकारों की टीम सम्पूर्ण परिसर को सुन्दर और रमणीय बनायेगी। देश का प्रत्येक रामभक्त संकल्प के साथ मंदिर निर्माण के लिए दान भेज रहा है और भेजेगा। मंदिर निर्माण में धन की कोई कमी नहीं होगी। राम लला के भक्त लॉकडाउन हटने का इन्तजार कर रहे हैं।
परिसर में पहुंचने पर ट्रस्ट महासचिव चम्पत राय ने अंगवस्त्र देकर ट्रस्ट अध्यक्ष का स्वागत किया। इस अवसर पर राम जन्मभूमि परिसर के पुजारी संतोष तिवारी ने महंत दास तथा उनके साथ गये मणिराम दास छावनी ट्रस्ट के सचिव कृपालु राम दास ‘पंजाबी जी’, संत जानकी दास, संत ब्रजमोहन दास का माल्यार्पण किया। इससे पूर्व ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने रामलला को अपने आश्रम में निर्मित लड्डुओं का भोग प्रसाद समर्पित किया। दर्शन के उपरांत परिसर में चल रहे समतलीकरण और उससे निकलने वाले पुरातात्विक अवशेषों का निरीक्षण किया। दर्शन के समय उपस्थित विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा भी मौके पर उपस्थित रहे।

 


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