दिल्ली सरकार के विज्ञापन में सिक्किम को बताया भारत से अलग

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नई दिल्ली, 23 मई (हि.स.) । कोरोना संकट के बीच दिल्ली सरकार के एक विज्ञापन ने देश में एक अलग बवाल खड़ा कर दिया है। दिल्ली सरकार की तरफ से सिविल डिफेंस के सदस्यों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाले गए हैं। इस विज्ञापन में सिक्किम को नेपाल और भूटान के साथ भारत से अलग बताया गया है।
इसको लेकर सोशल मीडिया से लेकर तमाम जगह लोग केजरीवाल सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि आखिर जब सिक्किम भारत का ही हिस्सा है तो उसे अलग से बताने की क्या जरूरत है।
एक अखबार को दिए गए इस विज्ञापन में आवेदकों से सिविल डिफेंस कोर में स्वयंसेवक के तौर पर भर्ती होने के लिए आवेदन मांगा गया है। उनसे कहा गया है कि वे इस पद के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। पात्रता की शर्तों में आवेदक का कम से कम 18 साल का होना, शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ होना और कम से कम प्राथमिक शिक्षा प्राप्त होना शामिल हैं। इसके लिए पुरुष या महिला, कोई भी आवेदन कर सकता है। पर, पात्रता की एक शर्त आवेदक का भारत का नागरिक होना या भूटान, नेपाल या सिक्किम की प्रजा होना और दिल्ली का निवासी होना तय की गई है। पात्रता की इसी शर्त पर विवाद है।
कोरोना वायरस से दिल्ली में हुई मौतों के मुद्दे पर विपक्ष के निशाने पर रही केजरीवाल सरकार ने विपक्ष को हमलावर होने का एक और मौका दे दिया है।
विज्ञापन को लेकर भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने केजरीवाल से सवाल करते हुए ट्विटर पर लिखा, “ऐसे समय जब चीन सिक्किम पर अपना दावा कर रहा है, केजरीवाल सरकार का ये विज्ञापन देश के साथ धोखा है, गद्दारी है। सरकारी विज्ञापन में सिक्किम को अलग देश क्यों बताया।” इसके अलावा एक यूजर ने केजरीवाल को टैग करते हुए लिखा, “ऐसे समय जब चीन सिक्किम पर अपना दावा कर रहा है, केजरीवाल सरकार का ये विज्ञापन देश के साथ धोखा हैं, गद्दारी है। सरकारी विज्ञापन में सिक्किम को अलग देश क्यों बताया? कुछ तो शर्म कर लो केजरीवाल।”

 


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