उप्र के सात लाख से अधिक श्रमिक अभी भी फंसे हैं दूसरे राज्यों में

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सबसे अधिक दिल्ली और महाराष्ट्र से आने वालों ने किया है आवेदन सभी प्रवासी मजदूरों की वापसी में लगेगा लगभग एक पखवाड़ा 



लखनऊ, 10 मई (हि.स.)। लाॅकडाउन के दौरान उत्तर प्रदेश की योगी सरकार देश के दूसरे राज्यों में फंसे कामगारों को लगातार वापस ला रही है। इसके लिए सैकड़ों श्रमिक स्पेशल ट्रेन लगाई गई हैं और प्रतिदिन औसतन 45 से 50 हजार प्रवासी मजदूरों की वापसी हो रही है। अभी भी सात लाख से अधिक मजदूर विभिन्न राज्यों में फंसे हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या दिल्ली और महाराष्ट्र से आने वालों की है।
दरअसल योगी सरकार ने लॉकडाउन में प्रदेश के बाहर फंसे प्रवासियों को उनके घर पहुंचाने के लिए वेब पोर्टल जनसुनवाई लॉन्च किया है। वापस आने वाले लोगों को इस पर रजिस्ट्रेशन कराने को कहा गया है। अब तक इस पोर्टल पर सात लाख से अधिक लोगों के घर वापसी का आवेदन लंबित पड़ा हुआ है। इनमें सबसे अधिक 2,35,140 लोगों ने दिल्ली से वापस आने को आवेदन किया है। इसके बाद महाराष्ट्र से 2,16,159, गुजरात से 1,71,557, हरियाणा से 62,318, पंजाब से 29,506, कर्नाटक से 20,781, तमिलनाडु से 17,200 और राजस्थान से 13,379 लोगों ने अपने घर उप्र लौटने की इच्छा जताई है।
इसके अलावा नई दिल्ली स्थित यूपी भवन में लाॅकडाउन के दौरान प्रदेश वासियों की मदद के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम में भी देश के विभिन्न क्षेत्रों से रोज हजारों फोन आते हैं। इनमें 90 प्रतिशत से अधिक फोन कॉल्स उन लोगों की होती है, जो उप्र के रहने वाले हैं और इस विषम परिस्थिति में अपने घर वापस आना चाहते हैं।
अब तक पांच लाख से अधिक मजदूरों की हो चुकी घर वापसी
दूसरे राज्यों में फंसे कामगारों को वापस लाने के लिए योगी सरकार ने रेलवे विभाग से अनुरोध करके भारी संख्या में स्पेशल ट्रेनों का संचालन करवाया है। विभिन्न राज्यों से मजदूरों को लेकर औसतन 35 से 40 ट्रेनें रोज प्रदेश के अलग-अलग रेलवे स्टेशन पर पहुंच रही हैं। वहां से इन मजदूरों को मेडिकल परीक्षण के बाद परिवहन निगम की बसों से उनके गृह जिलों में भेजा जाता है।
प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश अवस्थी ने रविवार को यहां बताया कि अब तक 215 ट्रेनों से 2.30 लाख से अधिक लोगों को विभिन्न राज्यों से लाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि आज ही 57 ट्रेनें प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहुंच रही हैं। इनसे करीब 70 हजार लोग लाए जा रहे हैं। अवस्थी का कहना है कि स्पेशल ट्रेनों के अलावा बसों से भी राजस्थान और हरियाणा समेत अन्य पड़ोस के राज्यों से मजदूरों को वापस लाया जा रहा है। इस तरह विभिन्न माध्यमों से अब तक पांच लाख से अधिक प्रवासी मजदूर अपने घर सकुशल वापस आ चुके हैं। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि सभी मजदूरों को वापस लाने में अभी 15 दिन और लग सकता है।

 


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