मुख्यमंत्री योगी ने किया ‘प्रवासी राहत मित्र ऐप’ का लोकार्पण

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अन्य राज्यों से लौटे नागरिकों का पूरा विवरण होगा दर्ज, मिलेगा रोजगार



लखनऊ, 08 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को ‘प्रवासी राहत मित्र ऐप’ का लोकार्पण किया। इसे राजस्व विभाग, राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा तैयार कराया गया है।
प्रवासी नागरिकों को कौशल के मुताबिक मिलेगी आजीविका
इस ऐप का उद्देश्य अन्य राज्यों से उत्तर प्रदेश में आने वाले प्रवासी नागरिकों को सरकारी योजना का लाभ, उनके स्वास्थ्य की निगरानी और विशेष कर उनके कौशल के लायक भविष्य में नौकरी एवं आजीविका प्रदान करने में सहयोग करने के लिए इन प्रवासी नागरिकों का डेटा कलेक्शन करना है। सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा आपस में सूचना का आदान प्रदान कर इन प्रवासी नागरिकों के रोजगार एवं आजीविका के लिए नियोजन एवं कार्यक्रम बनाने में मदद मिलेगी।
प्रदेश में आने वाले हर प्रवासी की जानकारी होगी मौजूद
इस ऐप के जरिए आश्रय केन्द्र में रुके हुए व्यक्तियों एवं किसी भी कारणवश अन्य प्रदेशों से सीधे अपने घरों को पहुंचने वाले प्रवासी व्यक्तियों का पूरा विवरण लिया जायेगा। ताकि उत्तर प्रदेश में आने वाला कोई भी प्रवासी छूट न पाए।
65 से भी ज्यादा प्रकार के कौशल का विवरण होगा एकत्र
ऐप में व्यक्ति की मूलभूत जानकारी जैसे नाम, शैक्षिक योग्यता, अस्थायी और स्थायी पता, बैंक अकाउंट विवरण, कोरोना सम्बन्धित स्क्रीनिंग की स्थिति, शैक्षिक योग्यता और अनुभव, 65 से भी ज्यादा प्रकार के कौशल का विवरण एकत्र किया जायेगा। अन्य राज्यों से प्रदेश में आ रहे प्रवासी  नागरिकों को दी जाने वाली राशन किट के वितरण की स्थिति भी ऐप में दर्ज की जायेगी।
ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी कर सकते हैं काम
इस ऐप में डाटा डुप्लीकेशन न हो, इसके लिए यूनीक मोबाइल नम्बर को आधार बनाया जायेगा। इस ऐप की एक अन्य विशेषता यह भी है कि इसमें ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी काम कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्रभावी निर्णय करने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोगों के डेटा को भी ऐप में अलग-अलग किया जा सकता है।
आश्रय स्थल, निवास स्थान पर किया जायेगा डेटा संग्रह
डेटा संग्रह का काम तेजी से हो सके, इसके लिए विकेन्द्रीकृत स्तर पर जैसे आश्रय स्थल, ट्रांजिट प्वांइट, व्यक्ति का निवास स्थान पर डेटा संग्रह किया जायेगा। सभी जनपदों में जिलाधिकारी के नेतृत्व में डेटा संग्रह की जिम्मेदारी शहरी क्षेत्र में नगर विकास विभाग, नगर निकाय तथा ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य विकास अधिकारी, पंचायती राज विभाग की होगी।
ऐप के जरिए संग्रहित डेटा को राज्य स्तर पर स्थापित इंटीग्रेटेड इनफार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (www.rahatup.in) पर स्टोर किया जायेगा। इसका विश्लेषण कर प्रवासी नागरिकों को सरकारी योजना का लाभ, उनके स्वास्थ्य की निगरानी एवं विशेष कर उनके कौशल के लायक भविष्य में नौकरी एवं आजीविका प्रदान करने में सहयोग किया जायेगा।

 


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