लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर सीयूजे के वीसी प्रो. इंदु के खिलाफ जांच का आदेश

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बगैर पास भागलपुर से रांची आये और गये थे सीयूजे के वीसी बगैर अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर बीएचयू के वीसी से एमएचआरडी पूछ चुका है स्पष्टीकरण



पटना, 22 अप्रैल (हि.स.)। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जारी देशव्यापी लॉकडाउन का सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड (सीयूजे) रांची के कुलपति प्रो. नंद कुमार यादव इंदु ने उल्लंघन किया है। केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (रांची) के सरकार की गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाने के मामले में झारखंड पुलिस मुख्यालय ने संज्ञान लिया है। बुधवार को डीजीपी ने एसएसपी रांची को आदेश दिया गया है कि इस मामले में तत्काल सत्यता की जांच कर इसकी रिपोर्ट सौंपे, ताकि इस पर आगे की कार्रवाई की जा सके।  

जानकारी के अनुसार भागलपुर की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रोमा यादव के पति व सीयूजे रांची के कुलपति प्रो. नंद कुमार यादव इंदु कुछ ठेकेदारों के बिलों के भुगतान के लिए 16 अप्रैल को रांची आये थे। वो इनोवा कार जेएच 01 सीजेड 9273 से 16 अप्रैल की दोपहर करीब 12 बजे रांची के ब्रांबे स्थित सीयूजे कार्यालय पहुंचे। इससे पहले उन्होंने ई-मेल के जरिये विश्वविद्यालय के अधिकारियों और करीबियों को आने की सूचना दी थी और उन्हें निर्धारित समय पर कार्यालय बुलाया गया था। पहुंचने के बाद प्रो. इंदु ने सीयूजे के अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर बैठकें कीफिर अपने आवास चले गये। अगले दिन 17 जुलाई को वे फिर विश्वविद्यालय पहुंचते हैं। पूर्व सूचना के मुताबिक अभियंताओं (इंजीनियरिंग विंग) और वित्त विभाग के अधिकारी भी कार्यालय पहुंचते हैं। बैठक होती है। उसमें कुछ ठेकेदारों के बिल भुगतान के पेमेंट रिलीज किये जाते हैं। बैठक में संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर नियुक्त शिक्षकों की सेवाएं बढ़ाईं गईं तथा सेमेस्टर एग्जाम की तिथि जून-जुलाई में तय की गई। इसके बाद सीयूजे को 3 मई तक बंद करने का आदेश जारी कर कुलपति 17 अप्रैल को दोपहर बाद 2 बजे निजी इनोवा गाड़ी से भागलपुर के लिए रवाना हो गये। भागलपुर प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि जेएच 01 सीजेड 9273 नंबर की गाड़ी के लिए पास जारी नहीं हुआ है। कोरोना क्राइसिस के इस दौर में फिलहाल वे हेडक्वार्टर रांची में भी नहीं हैं। रांची की दो दिनों की अंतरराज्यीय यात्रा कर के लौटने के बाद इस समय कुलपति इंदु अपनी निजी यात्रा पर लखनऊ में हैं।

मुख्यालय में नहीं रहने पर बीएचयू के कुलपति को हुआ शो-कॉज

लॉकडाउन में बनारस छोड़ दिल्ली में अपने घर में रहने के लिए बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) के कुलपति  प्रो. राकेश भटनागर को मानव संसाधन मंत्रालय (एमएचआरडी) ने इसी महीने 4 अप्रैल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।  अब सवाल यह उठता है कि क्या सीयूजे की कुलपति को क्राइसिस सिचुएशन में हेडक्वार्टर छोड़ने की अनुमति एमएचआरडी (मानव संसाधन मंत्रालय) से ली थीकोरोना संक्रमण से बचाव के लिए ल़ॉकडाउन के दौर में अंतरराज्यीय यात्रा कर वे रांची पहुंचे तो उन्हें होम क्वॉरेंटाइन में क्यों नहीं भेजा गया?

बगैर पास के दूसरे राज्यों में आना-जाना गैरकानूनी

कोरोना संक्रमण के दौर में जारी देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान नियमत: कोई भी व्यक्ति बिना प्रशासनिक पास के दूसरे राज्यों की यात्रा नहीं कर सकता। कोई भी अगर निजी वाहन से यात्रा कर रहा हैतो उसके लिए पास अनिवार्य है। अगर कोई अधिकारी अपनी सरकारी गाड़ी से ऑफिस जा रहा हो तो वह केवल अपने मुख्यालय स्थित आवास से अपने दफ्तर जा सकता है। परवह अपनी सरकारी गाड़ी से भी किसी दूसरे राज्य में बगैर पास के नहीं आ-जा सकता।

 

बिहार विधानसभा में भाजपा सचेतक के सरकारी ड्राइवर से पूछा स्पष्टीकरण

बिहार के नवादा जिले के हिसुआ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अनिल सिंह बिहार विधानसभा में भाजपा के सचेतक भी हैं। इस वजह से उन्हें सरकारी गाड़ी और ड्राइवर सहित तमाम सुविधाएं मिली हैं। विधायक अनिल सिंह की राजस्थान के कोटा में पढ़ने वाली बेटी लॉकडाउन के दौरान कोटा में फंस गई। इसके बाद विधायक सिंह ने नवादा प्रशासन से पास लेकर बेटी को लाने सरकारी गाड़ी से नवादा चले गये। वहां से लौटने के बाद विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया। इसके बाद बिहार विधानसभा के सचिव ने उनके ड्राइवर से स्पष्टीकर (शोकॉज) पूछा है।

 

 


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