सांसद निधि समाप्त करने के फैसले पर गर्माई सियासत
नई दिल्ली, 06 अप्रैल (हि.स.)। देश इस समय कोरोना वायरस की महामारी झेल रहा है। इसे रोकने को लेकर सरकार एवं अन्य राजनीतिक पार्टियां लगातार एकजुट प्रयास कर रही हैं। इस बीच कैबिनेट द्वारा सांसद निधि को समाप्त करने का फैसला लिए जाने पर राजनीति गर्मा गई है। एक तरफ कांग्रेस इसे भाजपा के केंद्रीयकरण की मानसिकता करार दे रही है तो भारतीय जनता पार्टी इस निर्णय को समाज और देश के हित में बता रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा है कि सांसदों की सैलरी पर कट लगाने के फैसले का स्वागत है लेकिन एमपी लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड को रोकना गलत है। उन्होंने कहा कि यह फंड सांसदों की निजी राशि नहीं है बल्कि इसका उपयोग हर संसदीय क्षेत्र में जनता की भलाई और क्षेत्र के विकास के लिए किया जाता है। इसके अलावा यह पैसा स्थानीय परिस्थितियों में आपदा के समय काम आता है। ऐसे में अगर इस फंड को समाप्त कर दिया जाता है तो इसका सीधा-सीधा प्रतिकूल प्रभाव उस संसदीय क्षेत्र के लोगों और इलाके के विकास पर पड़ेगा।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी सांसद निधि समाप्त किए जाने के फैसले का विरोध जताया है। उन्होंने कहा है कि क्या केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि दो साल के लिए सांसद निधि रोके जाने की दशा में उनके लोकसभा क्षेत्र कलियाबोर में स्वास्थ्य सुविधाओं को विकसित करने का जिम्मा केंद्र उठाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के केंद्रीयकरण की मानसिकता के कारण कलियाबोर के लोगों को धन की कमी की मार झेलनी पड़ सकती है।
दूसरी ओर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई को बल देने के लिए सभी सांसदों के वेतन में एक साल लिए 30 प्रतिशत की कटौती करने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी का हर व्यक्ति प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र सेवा के लिए सदैव समर्पित है। उन्होंने राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति तथा सभी राज्यपालों द्वारा संकट की घड़ी में मदद करने के लिए स्वेच्छानुसार अपने वेतन में एक साल के लिए 30 फीसदी की कटौती करने के लिए आभार भी जताया।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में सभी सांसदों की सैलरी में एक साल के लिए 30 फीसदी की कटौती तथा दो साल के लिए सांसद निधि को खत्म करने का फैसला किया गया। इस फंड का इस्तेमाल कोरोना वायरस से लड़ने के लिए किया जाएगा।
