जमातियों की सटीक जानकारी के लिए दिल्ली पुलिस ने शुरू की मैपिंग

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नई दिल्ली, 05 अप्रैल (हि.स.)। निजामुद्दीन मरकज से जुड़े जमातियों की सटीक जानकारी के लिए मैपिंग का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए दिल्ली पुलिस मोबाइल का डंप डेटा खंगाल रही है। क्राइम ब्रांच सूत्रों की मानें तो इस मामले में कोरोना वायरस से संक्रमण की बड़े पैमाने पर मैपिंग की जा रही है। दिल्ली पुलिस लोगों की मैपिंग कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि संक्रमण का दायरा कहां तक पहुंचा है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, मैपिंग के जरिये मरकज से आए लोगों की पहचान की जा रही है। इस काम में अलग-अलग राज्यों की एजेंसिया भी दिल्ली पुलिस का सहयोग कर रही हैं, जबकि राजधानी की विभिन्न जिलों की पुलिस भी डंप डाटा खंगाल ऐसे लोगों को चिन्हित करने में जुटी है, जिनके मोबाइल की लोकेशन मरकज के करीब मिले।
मरकज के आसपास के मोबाइल डाटा की जांच
पुल‍िस के अनुसार, निजामुद्दीन के इस मरकज से देश के कई हिस्सों में लोग गए हैं, जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। मरकज से लौटे कुछ लोगों की इस बीमारी से मौत भी हो चुकी है। मरकज के कारण कोरोना का संक्रमण कहां तक फैला है और लोग कहां-कहां पहुंचे हैं, इसके लिए पुलिस मार्च के महीने में मरकज और उसके आसपास के लोगों के मोबाइल का डंप डेटा ले रही है। कुछ आंकड़े जुटाए भी गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मरकज में आए लोग कहां से थे और लौटने के बाद कहां गए हैं। अगर पुलिस इस तरह से इसकी सटीक जानकारी हासिल करने में सफल होती है तो संक्रमण का खतरा रोकने में बड़ी मदद मिल जाएगी।
ऐसे कर रही है पहचान
दिल्ली पुलिस मोबाइल के डंप डेटा की बारीकी से जांच कर रही है, जिनके मोबाइल की लोकेशन कई दिन तक मरकज के आसपास रही है। ऐसे लोगों की पहचान करने के बाद उनसे पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि ये इलाके में क्या कर रहे थे। क्या ये मरकज के अंदर गए हैं, रहे हैं तो उन्हें आइसोलेट किया जाएगा। ये कवायद कोरोनो के संक्रमण को रोकने लिए है। संक्रमण का खतरा ज्यादा लोगों में न फैले, इसके लिए पुलिस बड़े स्तर पर डंप डाटा के जरिये मैपिंग में जुटी हुई है।

 


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