गाजियाबाद के डीएम के आदेश से फीस के लिए टेंशन में अभिभावकों को राहत

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लॉकडाउन की अवधि की फीस जमा करने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं करेंगे शिक्षण संस्थान



गाजियाबाद, 05अप्रैल (हि.स.)। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने रविवार को जिले के सभी शिक्षण संस्थानों को आदेश जारी कर उन अभिभावकों को राहत देने का काम किया है जो लॉकडाउन के दौरान आर्थिक कमजोरी के कारण फीस जमा करने में समर्थ नहीं है। जिलाधिकारी ने रविवार को जिले के सभी शिक्षण संस्थानों को आदेश दिए हैं कि वे लॉकडाउन की अवधि के दौरान की अवधि की फीस जमा कराने के लिए किसी भी अभिभावक को बाध्य नहीं नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है यदि किसी शिक्षण संस्थान ने उनके आदेश का उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी डॉक्टर अजय शंकर पांडेय ने बताया कि यह आदेश अपडेट प्रबंधन 2005 एवं अपेडिक एक्ट के तहत दिए गए हैं जिसमें कोई भी शिक्षण संस्थान अपने यहां शिक्षक ग्रहण करने वाले छात्र-छात्रों की लॉकडाउन की समयवधि की फीस वसूलने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं करेगा और न ही बच्चों के नाम कटेगा । आदेश में कहा गया है कि इस दौरान शिक्षण संस्थान ऑनलाइन पढ़ाई को भी बाधित नहीं करेगा। आदेश में चेतावनी दी गयी है कि यदि कोई शिक्षण संस्थान आदेश का उललंघन करते पाया गया तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी जिसमें एक साल के कारावास या अर्थ दंड या दोनों की सज़ा का प्राविधान है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि जा अभिभावक फीस देने में सक्षम है वे फीस जमा कर सकते हैं उन पर फीस जमा नहीं करने की कोई बाध्यता नहीं है। इस आदेश के बाद अभिभावकों ने राहत महसूस की है जिनकी आय सिमित है और लॉकडाउन के दौरान उन्हें कोई आय नहीं हुई।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले लॉकडाउन अवधि की फ़ीस माफ़ किए जाने की मांग ऑल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष शिवानी जैन,महासचिव सचिन सोनी ने मेल पतlके माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, जिला जिला प्रशासन,से की थी।जिस पर केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद डाक्टर जेनरल वीके सिंह ने जिला प्रशासन से कोरोना काल की फ़ीस में यूपी डिजास्टर एक्ट के तहत माफ़ कराने के लिए अपने स्तर से निर्णय लेने को कहा था। इसके बाद जिलाधिकारी ने ये आदेश दिए।


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