कोरोना के खिलाफ जंग में तब्लीगी जमात बनी दुश्मन, उप्र में 172 पहुंचा आंकड़ा

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अब तक 45 जमातियों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि गाजियाबाद की घटना पर मुख्यमंत्री योगी भड़के, कहा ये मानवता के दुश्मन



लखनऊ, 03 अप्रैल (हि.स.)। कोरोना वायरस के खिलाफ प्रभावी जंग में तब्लीगी जमात के कैरियर्स बहुत बड़ा खतरा बनकर सामने आये हैं। दिल्ली में तब्लीगी जमात के मरकज से वापस आए लोग छिपकर बैठे रहे और अपनी सूचना स्थानीय प्रशासन को नहीं दी। इनकी धड़पकड़ के बाद करायी जांच रिपोर्ट जैसे-जैसे सामने आ रही है, कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। प्रदेश में शुक्रवार को अभी तक कोरोना संक्रमित मरीजों का कुल आंकड़ा 172 तक पहुंच चुका है। राज्य में अभी तक इतनी तेजी से मामले नहीं सामने आये, जितना अब आ रहे हैं। इससे सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
तब्लीगी जमात के आज 42 मामले कोरोना पॉजिटिव
शासन के सूत्रों के मुताबिक तब्लीगी जमात के लोगों के चलते प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 172 पहुंच चुकी है। इसमें अकेले तब्लीगी जमात के 42 मामले हैं। बताया जा रहा है कि जैसे-जैसे जांच रिपोर्ट आती जाएगी, इनकी संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है। इस तरह जमात के लोगों की हरकत ने और लोगों की जान भी खतरे में डाल दी है।
राज्य में गुरुवार को 124 थी कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या
इससे पहले गुरुवार को राज्य में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या 124 थी। इनमें 17 लोग ठीक होने के बाद घर भेजे जा चुके हैं। इसमें तब्लीगी जमात के मरकज से वापस आए 1173 लोगों में से तीन में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी। इनमें मेरठ, हापुड़ और गाजीपुर में एक-एक मरीज शामिल था। इस तरह गुरुवार और शुक्रवार के अभी तक की संख्या को मिलाकर जमात के 45 लोगों में कोराना का संक्रमण फैल चुका है। वहीं गुरुवार की अपेक्षा अभी तक 48 नये मामले सामने आये हैं, जो मरीजों की संख्या को लेकर अभी तक की सभी तेज वृद्धि है।
अब तक 1173 कोरोना कैरियर्स चिह्नित, 884 क्वारंटाइन
प्रदेश सरकार के मुताबिक अभी तक 1173 कोरोना कैरियर्स को चिह्नित कर 884 को क्वारंटाइन किया गया है। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी के मुताबिक मुख्यंत्री के निर्देश पर सभी जनपदों में जिला प्रशासन ऐसे लोगों को तलाशने में जुटा है। उनसे अपील की जा रही है कि कोरोना वायरस के मद्देनजर वह स्वयं सामने आयें और प्रशासन को सूचना दी। सूचना नहीं देने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा लोगों से भी कन्ट्रोल रूम और अन्य माध्यमों से इसकी जानकारी देने को कहा जा रहा है, जिससे स्थिति पूरी तरह से नियंत्रित की जा सके। उन्होंने बताया कि फिलहाल इन 1173 लोगों में सभी तब्लीगी जमात के मरकज से नहीं लौटे थे, कुछ इनके सम्पर्क में आये या अन्य लोग भी हैं। जोनवार संख्या पर नजर डालें तो मेरठ में 304, बरेली में 145, कानपुर में 33, वाराणसी में 197, लखनऊ में 69, आगरा में 104, प्रयागराज में 40, गोरखपुर में 187, गौतमबुद्धनगर में 70 तथा लखनऊ कमिश्नरी में 24 लोग हैं। इनमें 884 का क्वारंटाइन कर परीक्षण कर लिया गया है।
महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार जघन्य अपराध
इस बीच गाजियाबाद के एमएमजी जिला अस्पताल में जमात के लोगों द्वारा नर्सों को अश्लील इशारे और आपत्तिजनक हरकत करने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी नाराजगी जतायी है। मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कहा कि ये ना कानून को मानेंगे, ना व्यवस्था को मानेंगे, ये मानवता के दुश्मन हैं। जो इन्होंने महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ किया है, वह जघन्य अपराध है। इन पर रासुका लगाया जा रहा है, हम इन्हें छोड़ेंगे नहीं। उन्होंने पुलिस अफसरों को ऐसे लोगों को कानून का पालन कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने अब ऐसे लोगों के इलाज में महिला चिकित्सकों और महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी नहीं लगाने के आदेश दिए।
सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस बात का ध्यान रखा जाए कि जमात के लोगों की गलतियों का खामियाजा आम लोगों को न भुगतना पड़े। मानवता के खिलाफ किसी भी तरह की साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन लोगों ने मानवता खिलाफ जाकर कार्य किया है, उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी ने जमात से वापस आए लोगों की युद्ध स्तर पर तलाश के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने तथ्यों को छुपाया है उनकी पड़ताल की जाए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। विदेशी जमातियों के पासपोर्ट जब्त कर लिए जाएं।

 


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