मुम्बई, 27 मार्च (हि.स.)। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई व नागपुर में एक नया कोरोना पाजीटिव मिलने से शनिवार को राज्य में संक्रमित कोरोना पीडि़तों की संख्या बढक़र 159 हो गई है। काम धंधा बंद हो जाने से मजदूरों में जैसे खलबली मच गई है। लोग दूध की गाड़ियों में व एंबुलेंस तथा मालवाहक टेंपो में भरकर अपने गांव जाने लगे है। इस तरह की हजारों गाड़ियां को पुलिस ने बरामद किया है। जलसंपदा मंत्री जयंत पाटील ने शनिवार को राज्य की जनता को अपने घरों में रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर तरह की मदद कर रही है,किसी को भी घबराने की जरुरत नहीं है।
जानकारी के अनुसार कोरोना पीडि़तों की संख्या में पिछले 12 घंटों में 6 लोगों की वृद्धि हुई है। इनमें से 5 मरीज मुंबई में बढ़े हैं। इन सभी को मुंबई के कस्तुरबा अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मुंबई में इस समय 60 कोरोना पॉजीटिव मरीजों का इलाज जारी है। इसी प्रकार सांगली जिले में 23 कोरोना मरीजों का इलाज जारी है। जलसंपदा मंत्री जयंत पाटील ने कहा कि सांगली जिले के इस्लाम पुरा इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। सांगली जिलाधिकारी को हर तरह की तैयारी करने का निर्देश दिया गया है।
नागपुर में शनिवार को एक और कोरोना पाजीटिव पाया गया है। इससे नागपुर में अब कोरोना पीडि़तों की संख्या बढक़र 10 हो गई है। कोरोना की वजह से की गई बंदी से मजदूरों में खलबली मची हुई है। मुंबई के मुंबादेवी इलाके में दिहाड़ी का काम करने वाले मजदूर टेंपो में भर कर उत्तर प्रदेश जा रहे थे। इन सबको मुलुंड स्थित चेकनाके पर पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस ने टेंपो बरामद कर लिया है। वाशी नाके पर दूध की गाड़ी में जा रहे मजदूरों को पुलिस ने पकड़ा है। इसी प्रकार नासिक के मुंबई नाका पर नकली मरीज बनकर एंबुलेंस में जा रहे मजदूरों को पुलिस ने पकड़ा है। कोल्हापुर में भी पुलिस ने इस तरह की कार्रवाई की है। सूबे में अब तक इस तरह अवैध तरीके से मजदुरों को ढ़ोने वाले हजारों वाहन बरामद किए गए हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को ही किसी भी मजदूर को अपने गांव न जाने की अपील की थी। लेकिन मुख्यमंत्री की अपील का मजदुरों पर कोई भी असर नहीं दिख रहा है। लोग हायवे पर चलते हुए अपने गांव जाते देखे जा रहे हैं।
