भारतीय बैंकिंग सिस्टम सेफ, रेपो रेट 0.75 फीसदी घटाया

0

ईएमआई चुकाने के लिए 3 महीने की छूट, सिविल स्‍कोर पर भी नहीं होगा असर



नई दिल्‍ली, 27 मार्च (हि.स.)। देश में कोरोना वायरस की महामारी से जारी जंग और 21 दिनों की लॉकडाउन के बीच आरबीआई ने कहा है कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम सेफ है। देश में मौजूदा हालात के मद्दे नजर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने  ब्‍याज दरों यानी रेपो रेट में 0.75 फीसदी फीसदी की कटौती की है। इसके साथ  ही रेपो रेट घटकर 4.40 फीसदी हो गया है। इससे पहले रेपो रेट 5.15 फीसदी था। रिजर्व बैंक ने इसके अलावा रिजर्व रेपो रेट में भी 0.90 फीसदी की कटौती  की है। आरबीआई की रेपो रेट में कटौती करने से होम लोन और कार लोन की ईएमआई में भारी कमी आएगी। आपकी जेब पर पड़ने वाला बोझ घट जाएगा।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सेफ  है। उन्‍होंने कहा कि कुछ वजहों से लोगों को बैंक की सुरक्षा को लेकर शंका हुई, लेकिन किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्‍होंने कहा कि जिन्होंने प्राइवेट सेक्टर बैंक में भी निवेश किया है, उन्हें भी चिंता करने की जरूरत नहीं  है। दास ने कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में भी हम आशावादी हैं।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कोविड-19 की देशव्‍यापी महामारी को देखते हुए  मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी)  की बैठक 25 से 27 मार्च के बीच हुई, जिसमें 4-2 के बहुमत से रेपो रेट में 0.75 फीसदी की कटौती करने का निर्णय लिया  गया है। दास ने कहा कि रिजर्व रेपो रेट में कटौती इसलिए की गई,  ताकि बैंक  केंद्रीय बैंक के पास पैसे जमा करने की बजाय लोन देने में लचीला रुख दिखाए।

दास ने कहा कि इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों के लिए अनिवार्य कैश रिजर्व रेशिओ (सीआरआर)  को 4 फीसदी से घटाकर 3 फीसदी करने का निर्णय लिया है। उन्‍होंने कहा कि बैंकों के पास अधिक नकदी सुनिश्चित करने के लक्ष्य के लिए यह निर्णय किया गया है। ये फैसला 28 मार्च से शुरू हो रहे पखवाड़े से लागू होगा। उन्‍होंने कहा कि आरबीआई ने बैंकों को सीआआर सीमा में एक साल के लिए राहत देने का ऐलान किया है।

इसके अलावा रिजर्व बैंक गवर्नर ने इन मुद्दों पर बात की जो इस प्रकार है:-

-आरबीआइ ने कोरोनावायरस से पैदा हुई इन परिस्थितियों में सिस्टम में कैश की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई तरह के उपायों की घोषणा की है।

-अनिश्चित के इस माहौल में आरबीआइ की मौद्रिक नीति समिति ने आगामी वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर एवं महंगाई दर से जुड़ा हुआ कोई अनुमान अभी जाहिर नहीं किया है।

-रिजर्व बैंक गवर्नर ने कहा कि रिकॉर्ड अनाज की पैदावर की वजह से खाने-पीने   के सामान की कीमतों में गिरावट आ सकती है।
-दास ने कहा कि ग्लोबल स्लोडाउन का भारत पर विपरीत असर देखने को मिल सकता है, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए अच्छी चीज है।

-इसके अलावा दास ने कहा कि वित्तीय बाजार दबाव में है और बाजार में स्थिरता और आर्थिक वृद्धि की रफ्तार को पटरी पर लाने के लिए केंद्रीय बैंक के उपायों की जरूरत है।

-आरबीआइ गवर्नर ने कहा कि बाजार में नकदी डालने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक लाख करोड़ रुपये का रेपो ऑपरेशन करेगा।
-दास ने कहा कि आज घोषित उपायों से सिस्टम में 3.74 लाख करोड़ रुपये की नकदी डाली जाएगी।

-आरबीआई गवर्नर ने कहा कि आरबीआइ कर्ज देने वाली सभी संस्थाओं को टर्म लोन के किस्त के भुगतान पर तीन माह के मोराटोरियम की अनुमति दे रहा है।

 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *