कांग्रेस ने मध्य प्रदेश घटनाक्रम के बाद राज्यों को जारी किए ‘अलर्ट’

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चंडीगढ़ , 11 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने पार्टी शासित राज्यों को सतर्कता बरतने के लिए कहा है। पंजाब कांग्रेस के एक उच्च पदाधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।

पंजाब में भी कैप्टन सरकार के भीतर असंतोष है। ताजा घटनाक्रम में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने रात्रिभोज दिया था, लेकिन उनकी दावत में दो दर्जन कांग्रेस विधायक नहीं आए।उन्होंने अघोषित रूप से कैप्टन के ‘डिनर ‘ का बहिष्कार किया। पहले भी ख़फ़ा विधायकों ने राहुल गांधी की दिल्ली में हुई रैली से दूरी रखी थी। अब नज़रें मंत्री पद से विदा किए विधायक नवजोत सिद्धू की तरफ भी लगी हुई है।

मध्य प्रदेश घटनाक्रम के बाद पार्टी ने अनौपचारिक रूप से कांग्रेस शासित राज्यों को बगावत अथवा तोड़ -फोड़ की सम्भावना से आगाह किया है। मंगलवार की रात्रि पार्टी हाई कमान की तरफ से ऐसी सूचना थी। हालांकि पंजाब में कुल 117 विधायकों में से कांग्रेस के पास 78 विधायक हैं और उसे किसी प्रकार का खतरा नहीं है। फिर भी पार्टी के विधायकों में लगातार असंतोष पनप रहा है। बड़ा कारण है कि मुख्यमंत्री किसी से मिलते ही नहीं और दूसरा बड़ा कारण राज्य में अफसरशाही का बोलबाला है।

वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने के लिए भी विधायकों को प्रतीक्षा करनी पड़ती है। यहां तक कि कई बार कुछ मंत्री भी वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतीक्षा में बैठे देखे गए हैं। पिछले सप्ताह समाप्त हुए पंजाब विधान सभा बजट सत्र में कांग्रेस के विधायकों ने अपनी ही सरकार की कारगुजारी के विरुद्ध जी भरकर भड़ास निकाली थी। यदा-कदा कांग्रेस के विधायक अपनी ही सरकार के विरुद्ध सार्वजानिक बयान देते रहते हैं। बोर्डों और निगमों के चेयरमैन और अन्य पद न बंटने से भी विधायक खफा हैं। इसके साथ ही पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा भी लगातार कैप्टन सरकार को निशाना बना रहे हैं।

बाजवा जहां राहुल गांधी के करीबी हैं, वही कैप्टन सोनिया गांधी के करीबी हैं। अन्य राज्यसभा सदस्य शमशेर सिंह दूलो भी कैप्टन विरोधी खेमे के हैं, जो सार्वजानिक रूप से अपनी ही सरकार के विरुद्ध बार-बार बयानबाज़ी करते रहते हैं। जबकि कांग्रेस के ही मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत चंद अन्य मंत्री मुख्यमंत्री द्वारा लोगों से किए वादे को पूरा न करने के बदले खामियाजा की बातें करते हैं।

पंजाब कांग्रेस द्वारा भी एक बार फिर से पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और विधायकों की बैठक करने की तैयारी चल रही है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह भी विधायकों के साथ बैठक कर सकते हैं।


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