कोरोना वायरस के कारण भारत-चीन सीमा व्यापार पर अनिश्चितता के बादल

0

गंगटोक, 07 मार्च (हि.स.)। कोरोना वायरस के प्रकोप का असर अब अर्थव्यवस्था में भी दिखने लगा है। कोरोना वायरस के कारण हर साल मई से नवंबर महीने के बीच होने वाला भारत-चीन सीमा व्यापार पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। राज्य सरकार ने आगामी मई माह में शुरू होने वाले नाथूला सीमा व्यापार को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है। नाथूला सीमा व्यापार, जिसे वर्ष 2006 में फिर से शुरू किया गया था, सिक्किम के स्थानीय व्यापारी और तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के व्यापारी भाग लेते आ रहे हैं। इस साल कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण व्यापार अनिश्चित बना हुआ है।
साथ ही अब पर्यटकों को भारत-चीन सीमा नाथूला के लिए परमिट जारी नहीं किया जाएगा। सिक्किम आने वाले पर्यटकों के लिए नाथूला एक प्रमुख आकर्षण रहा है लेकिन अब वे नाथूला नहीं जा पाएंगे। हालांकि यह निर्णय अगले आदेश तक है।
राज्य सरकार ने अगले आदेश तक भूटान सहित सभी देशों के नागरिकों को इनर लाइन परमिट जारी नहीं करने का फैसला किया है। बताया गया है कि सरकार के उपरोक्त निर्णय की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को दी गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग ने सिक्किम में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों की अनिवार्य स्क्रीनिंग करने का भी फैसला किया है।
कोरोना वायरस के प्रकोप का राजधानी गंगटोक में चल रही मुख्यमंत्री तीरंदाजी प्रतियोगिता पर भी असर पड़ा है। इस प्रतियोगिता में भूटान के प्रतियोगी भी भाग ले रहे थे। हालांकि अब भूटान के 4 दलों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आगामी होली के त्यौहार के मद्देनजर राज्य सरकार ने लोगों को भीड़ से बचने का सुझाव दिया है और रासायनिक गुलाल के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।

 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *