मध्य प्रदेश में सत्‍ता का घमासान

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कांग्रेस का दावा-भाजपा कर रही सरकार गिराने का प्रयास प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष विष्‍णुदत्‍त शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को बताया बेबुनियाद 



भोपाल, 04 मार्च (हि.स.)। मध्‍यप्रदेश में कांग्रेस के सत्‍ता में आने के बाद से रुक-रुक कर भाजपा पर  सत्‍ता परिवर्तन को लेकर लगाए जा रहे आरोप थमने का नाम नहीं ले रहे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एवं अन्‍य कुछ कांग्रेसी नेता पिछले 24 घण्‍टों से भारतीय जनता पार्टी पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगा रहे हैं। जबकि प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष विष्‍णुदत्‍त शर्मा ने फिर एक बार फिर बुधवार को अपनी ओर से साफ कर दिया कि ‘मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार अंतरकलह से ग्रसित है, उनसे अपने लोग तो संभल नहीं रहे और भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगाने में लगे हुए हैं। मेरी कमलनाथ जी को सलाह है कि पहले अपने घर की चिंता करें।’
दरअसल, इस मामले को लेकर मंगलवार पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए बताया था कि कांग्रेस विधायकों को दिल्ली ले जाया गया है।  उसके बाद कांग्रेस ने फिर रात दावा किया कि भाजपा द्वारा  कांग्रेस के छह विधायको समेत बहुजन समाजवादी पार्टी  (बसपा) के के दो, एक निलंबित विधायक  सहित और एक निर्दलीय विधायक को गुड़गांव के आईटीसी मराठा होटल में बंधक बनाकर रखा गया है । इसके बाद आनन फानन में अपनी सरकार पर संकट आता देख कांग्रेस हाईकमान ने इन सभी से बात करने के लिए देर रात भोपाल से खेल एवं उच्‍चशिक्षा मंत्री जीतू पटवारी और नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह को दिल्ली भेजा था।
इन दोनों ही मंत्रियों ने आज सुबह यह दावा किया कि उनकी विधायकों से बात हो चुकी है और वे कांग्रेस के साथ हैं। मंत्री जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि विधायकों को खरीदने के लिए 30 से 35 करोड़ रुपए का लालच दिया गया है । उन्‍होंने अपनी बात कहते हुए इस दौरान पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वे जब तक होटल में पहुंचे तब वे एक विधायक को तो जबरन उठाकर ले गए। केवल रामबाई ही उन्‍हें होटल के बाहर मिलीं। मंत्री जीतू का आरोप पूर्व मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी है कि वे ही इस पूरे मामले में हो रहे  घटनाक्रमों के पीछे हैं।
वहीं, इस मामले में मंत्री जयवर्धन का कहना है कि उन्‍होंने अपनी पार्टी के सभी छह विधायकों से बातचीत कर ली है। सभी विधायक कांग्रेस के साथ हैं, उन्‍होंने बताया कि बहुजन समाजवादी पार्टी के भी दोनों विधायकों से बात हुई है, वे भी कांग्रेस के साथ हैं।  यहां जिन नौ विधायकों के भाजपा के साथ जाने की बात कांग्रेस कर रही है, उनमें रामबाई, संजीव कुशवाह (बसपा) सहित, बिसाहूलाल,  हरदीप सिंह, ऐंदल सिंह कंसाना (कांग्रेस) और सुरेंद्र सिंह शेरा (निर्दलीय) हैं।
उधर, इस मामले में बुधवार एक बार फिर स्‍थ‍िति को साफ करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष विष्‍णु दत्‍त शर्मा ने  कहा  कि इस पूरे प्रकरण से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं। भाजपा पर आरोप लगाने की बजाय कांग्रेस को अपनी अंतकर्लह पर ध्यादन देना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार अंतर्कलह से ग्रस्त है। सरकार के अंदर भयंकर अंतर्विरोध हैं और जोड़तोड़ से बनी यह सरकार अपने जन्म से ही ब्लैकमेल हो रही है।  उन्‍होंने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि चूंकि यह कांग्रेस के अंतरविरोध का परिणाम है, इसलिए इन आरोपों का जवाब कमलनाथजी, सिंधियाजी और दिग्विजयसिंहजी को देना चाहिए। शर्मा ने कहा कि भाजपा पर आरोप लगाने से बेहतर होगा कि कमलनाथ जी अपने लोगों की चिंता करें, उन पर ध्याकन दें। प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने मीडिया से बातचीत का वीडियो भी ट्विटर पर आज शेयर किया है। साथ में लिखा”मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार अंतरकलह से ग्रसित है, उनसे अपने लोग तो संभल नहीं रहे और भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगाने में लगे हुए हैं। मेरी कमलनाथ जी को सलाह है कि पहले अपने घर की चिंता करें !!”
वहीं, दूसरी ओर दिग्‍विजय ने आज फिर एक बार दो ट्वीट किए हैं, पहले में उन्‍होंने लिखा  है कि भाजपा ने मप्र के कॉंग्रेस बसपा समाजवादी विधायकों को दिल्ली लाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। बसपा की विधायक श्रीमती राम बाई को क्या भाजपा के पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह जी कल चार्टर फ़्लाइट में भोपाल से दिल्ली नहीं लाये? शिवराज जी कुछ कहना चाहेंगे?तो दूसरे ट्वीट में कहा कि  हमें श्रीमती राम बाई पर पूरा भरोसा है वे कमल नाथ जी की प्रशंसक हैं और उनका समर्थन करती रहेंगी। वहीं उन्‍होंने यह भी कहा कि ”मैं बिना प्रमाण कोई बात नहीं करता। सरकार पर संकट खत्म हो गया है। कोई खतरा नहीं है। हम सभी एकजुट हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।”
इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री कमलनाथ का एक बयान भी सामने आया है, उन्‍होंने मीडिया के समकक्ष कहा है कि ” हॉर्स ट्रेडिंग के बात सच है, लेकिन कांग्रेस सरकार स्थिर है। भाजपा डरी हुई है क्योंकि आने वाले समय में उसके 15 साल के घोटालों का खुलासा होना है। मुझे तो कांग्रेस विधायक खुद बता रहे हैं कि उन्हें कितने पैसों का ऑफर दिया जा रहा है। अगर फ्री का पैसा मिल रहा है तो ले लो।”
गौरतलब है कि दिग्विजय ने मंगलवार सुबह ट्वीट कर आरोप लगाया था कि भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह विधायक रामबाई जोकि बसपा की निलंबित विधायक हैं को अपने साथ चार्टर्ड प्लेन से  दिल्ली लेकर गए हैं। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का दिल्ली पहुंचना हुआ और वहां पर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का पहले से उपस्‍थ‍ित होने से प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई। कांग्रेस ने तुरंत आरोप लगाया कि भाजपा मध्‍यप्रदेश की कमलनाथ सरकार को अस्‍थ‍िर करना चाहती है इसलिए गुड़गांव के एक होटल में करीब 9 विधायकों को भाजपा ने रुकवाया था। वहीं प्रदेश में कांग्रेस से जुड़ा एक धड़ा सिंधिया गुट का ऐसा भी है जिसने दिग्‍विजय के हॉर्स ट्रेडिंग के सभी आरोपों पर अपनी अनभिज्ञता जताई है। ग्वालियर में कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना है कि उन्‍हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

 


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