सुस्त और लापरवाह अधिकारियों की होगी मंत्रालय से छुट्टी : गडकरी

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युवा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरुकता फैलाने में करें सोशल मीडिया का इस्तेमाल



नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि कार्यों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार में काम न करने वाले बेकार पड़े निखट्टू अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

गडकरी ने सोमवार को यहां विज्ञान भवन में सड़क सुरक्षा से जुड़े संगठनों की बैठक को संबोधित करते हुए सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए अपने मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि फाइल दबाकर बैठे रहने वाले अधिकारियों में संवेदना और उनमें निर्णय लेने की योग्ता नहीं होती है। ऐसे लोग दूसरे अधिकारियों को भी काम नहीं करने देते जिससे कार्यस्थल का माहौल खराब होता है। उन्होंने कहा कि अब लालफीताशाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि समय पर निर्णय नहीं करने वाले अधिकारी सड़क सुरक्षा से समझौता करने में भी संकोच नहीं करते और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तक में गड़बड़ी कर देते हैं। उन्होंने कहा कि गलत सड़क इंजीनियरिंग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित छात्रों का आह्वान करते हुए उन्होंने देश के युवाओं से सड़क सुरक्षा के ब्रांड एंबेसडर बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में युवा सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। देशभर में दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों को एकत्रित करने के लिए मंत्रालय द्वारा शुरू की गई भारतीय सड़क दुर्घटना डाटाबेस (आईआरएडी) के तहत विभिन्न राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस विभागों को लगभग 30 हजार टैबलेट प्रदान किए जाएंगे।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश में बढ़ती सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह संख्या प्राकृतिक आपदाओं और आतंकी घटनाओं के कारण हताहतों की संख्या से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा यह बहुत दर्दनाक है कि देश में वर्ष 2018 में लगभग डेढ़ लाख लोगों ने सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाई और बहुत अधिक घायल हो गए। इनमें से अधिकांश अर्थात 97,500  मौतें वाहन के तेज गति से होने के कारण हुईं। उन्होंने कहा, दुर्घटना के आघात का न केवल वित्तीय प्रभाव पड़ता है, बल्कि पीड़ितों और उनके परिवारों को भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावित करता है।

राजनाथ सिंह ने लोगों से नए साल में सड़क सुरक्षा नियमों के पालन करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने लोगों से सड़क हादसों के शिकार लोगों की मदद का भी आह्वान किया।  सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा के मामले में भारत का पिछड़ना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि चांद और मंगल ग्रह तक पहुंचने का तरीका जानने वाले भारतीय सुरक्षित तरीके से घर या कार्यालय जाने का मार्ग क्यों नहीं ढूंढ पाते। सिंह ने युवाओं का आह्वान किया कि वे सोशल मीडिया मंचों मसलन व्हॉट्सएप,  इंस्टाग्राम,  यूट्यूब और टिकटॉक का इस्तेमाल कर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।

सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री (सेवानिवृत्त) डॉ. वी के सिंह ने कहा कि सरकार सड़कों की इंजीनियरिंग में सुधार, प्रवर्तन, आपातकालीन देखभाल में सुधार और नागरिकों के लिए जागरूकता अभियान चलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। हालांकि, अकेले सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे और बड़े पैमाने पर नागरिकों के सहयोग और सड़क सुरक्षा को एक सामाजिक आंदोलन बनाने की आवश्यकता है।


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