राजस्थान : दूसरी शादी के लिए भाड़े के हत्यारों से कराया पत्नी और बेटे का कत्ल, दो गिरफ्तार

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चार दिन पुराने हत्याकांड का खुलासा



जयपुर,10 जनवरी (हि.स.)। पुलिस ने प्रतापनगर थाना अंतर्गत जगतपुरा के यूनिक टॉवर में मंगलवार को श्वेता तिवारी और 21 माह के बेटे श्रेयम की हत्या का खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड महिला का पति रोहित तिवारी निकला। पुलिस ने हत्या के आरोप में रोहित और एक अन्य आरोपित को गिरफ्तार किया है। रोहित ने अपने दोस्त के साले सौरभ उर्फ राजकुमार चौधरी को 20 हजार रुपये बतौर एडवांस देकर हत्या करवाने की बात स्वीकार की है। पुलिस आरोपित के दोस्त हरिसिंह की भूमिका को भी ​संदिग्ध मान रही है। पुलिस टीम ने उसे उदयपुर से हिरासत में लिया है, जयपुर पहुंचने पर उससे पूछताछ की जाएगी।

पुलिस कमिश्नर जयपुर आनन्द श्रीवास्तव ने शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा करते बताया कि हत्या का मुख्य आरोपी सौरभ उर्फ राजकुमार चौधरी का मृतका के घर आना-जाना था। किसी को शक न हो इसके लिए एक दिन पहले रेकी की गई।
सौरभ मंगलवार को दो बजे बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी कैमरों से बचते हुए रोहित के यूनिक टॉवर स्थित फ्लैट नंबर 103 में पहुंचा। पूर्व परिचित होने के कारण श्वेता ने दरवाजा खोल दिया। इसके बाद श्वेता ने चाय बनाई और दोनों ने चाय पी। चाय पीने के बाद श्वेता जैसे ही मुड़ी सौरभ ने मूसली से श्वेता के सिर पर वार कर दिया। दूसरे वार में श्वेता का जबड़ा टूट गया। श्वेता बेड पर ही ढ़ेर हो गई। इसके बाद दूसरे कमरे सो रहे श्रेयम के सिर पर वारकर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपित ने हत्या के बाद चाकू से दोनों का गला काट दिया। बच्चे की लाश को टावेल में पीछे की तरफ जा रही सीढियों से पास ही जंगल में फैंककर निकल गया। रोहित ने ही पुलिस को गुमराह करने के लिए 30 लाख फिरौती की झूठी कहानी रची। रोहित ने पुलिस जांच के दौरान सौरभ से श्वेता के नंबरों से फिरौती का मैसेज करवाया। इससे पुलिस की जांच बाधित हुई।वर्ष 2011 में हुई थी दोनों की शादी
डीसीपी पूर्व राहुल जैन ने बताया ने कि पूछताछ में सामने आया कि रोहित और श्वेता की शादी 2011 में हुई थी। रोहित दिल्ली का रहने वाला है, जबकि श्वेता कानपुर की रहने वाली थी। शादी को लेकर ही दोनों परिवारों में विवाद शुरू हो गया था। रोहित दिल्ली में शादी करना चाहता था, वहीं श्वेता के परिजन दिल्ली में शादी के लिए तैयार नहीं थे। बाद में दोनों ने मिलकर गाजियाबाद में शादी समारोह किया। शादी के बाद से ही दोनों में संबंध अच्छे नहीं थे। शादी के सात साल बाद आईवीएफ तकनीक से श्रेयम पैदा हुआ था। दोनों के बीच पांच जनवरी को भी आपसी विवाद हुआ था। श्वेता ने यह बात अपने परिजनों को भी फोन कर बताई थी। रोहित दूसरी शादी करना चाहता था, इसलिए उसने मां-बेटे का रास्ते से हटवाया।

खबर पढ़कर रची हत्या की साजिश
रोहित के मोबाइल की जांच में एक अखबार में पत्नी और बच्चे की हत्या की खबर की फोटो मिली। इससे प्रभा​वित होकर रोहित ने अपने दोस्त के साले सौरभ के साथ मिलकर चार जनवरी को एक होटल में हत्या की योजना बनाई। रोहित पहले उदयपुर आईओसीएल में नौकरी करता था। इसी दौरान अपने साथ काम करने वाले हरिसिंह से उसकी दोस्ती हो गई। हरिसिंह के जरिये ही रोहित और सौरभ की मित्रता हुई। दोनों लोगों में पारिवारिक संबंध थे। इसलिए श्वेता ने सौरभ के पहुंचने पर फ्लैट के अंदर आने दिया।

निष्पक्ष जांच की मांग
श्वेता के पिता ने कोर्ट में याचिका दायर कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। वहीं रोहित ने भी पुलिस को गुमराह करने के लिए एक अन्य याचिका दायर की थी। इस पर कोर्ट ने प्रतापनगर एसएचओ से केस डायरी और प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। रोहित का आरोप था कि पुलिस ने उससे जो भी पूछा, उसने बता दिया। लेकिन अभी तक पुलिस हत्यारे की तलाश नहीं कर पा रही है। पुलिस की जांच उसके ही इर्द-गिर्द घूम रही है।

हत्या की वारदात का खुलासा करने के लिए पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व राहुल जैन एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त जयपुर पूर्व मनोज चौधरी के नेतृत्व में एसीपी सांगानेर पूनम चन्द विश्नोई और एसीपी आदर्श नगर पुष्पेन्द्र सिंह के नेतृत्व में करीब 300 पुलिसकर्मियों ने कड़ी मश्कत के बाद वारदात की कडि़यां जोड़ी और आरोपी तक पहुंचे।

 


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