ताइवान को चीन से खतरा बढ़ रहा है : त्साई इंग-वे

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लॉस-एंजेल्स, 20 फरवरी (हि.स.)। ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वें ने एशियाई देशों को आगाह किया है कि वे चीन से सतर्क रहें। उन्होंने सीएनएन को एक साक्षात्कार में कहा है कि चीनी राष्ट्रपति की आक्रामक विदेश नीति के अंतर्गत उन्हें प्रतिदिन धमकाया जा रहा है, मिलिट्री धमकी दी जा रही है। वह अगले पड़ाव में ताइवान के बाद किसी भी एशियाई देश को अपना मोहरा बना सकता है।
सन 1949 में गृह युद्ध के बाद चीन और ताइवान अलग-अलग हो गए थे। इसके बाद से दोनों देशों के बीच शीत युद्ध जारी है। इन दोनों के बीच एक-दूसरे से मात्र 81 मील दूरी है। चीन सात दशक के बाद भी अपनी साम्राज्यवादी उद्देश्यों की पूर्ति के लिए ताइवान को अपने देश का एक हिस्सा मानता है लेकिन सन 2016 में डेमोक्रेटिक प्रगतिशील पार्टी की नेता त्साई के नेतृत्व में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद शी जिन पींग की निगाहें और भी टेढ़ी हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि चीन ने ताइवान ने राजनयिक और आर्थिक दबाव बनाए रखते हुए समीप के सागर में पांच बार फायर ड्रिल की है| उसके लड़ाकू विमान ताइवान के इर्द-गिर्द आसमान में दिखाई देने लगे हैं। ताइवान के सामने उसकी सुरक्षा और संप्रभुता का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पिछले अनेक वर्षों से इस द्वीप की रक्षा करता आ रहा है। उन्होंने आशा जताई कि अमेरिकी राष्ट्रपति संकट के समय उनकी मदद करेंगे। इसके बावजूद ताइवान खुद भी अपनी सुरक्षा को सुदृढ़ करने में लगा हुआ है।


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