सुषमा और गडकरी ने ‘सुरक्षा यात्रा’ कार रैली को दिखाई हरी झंडी, गांधी के सत्य-अहिंसा के संदेश का करेगी प्रचार

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नई दिल्ली  (हि.स.)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को राजघाट से ‘सुरक्षा यात्रा’ कार रेली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली केवल भारत के ही नहीं बल्कि बांग्लादेश और म्यांमार के उन ऐतिहासिक स्थलों से होकर गुजरेगी जो महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े हुए हैं।
रैली का उद्देश्य ने केवल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े स्थानों को जोड़ना बल्कि सड़क सुरक्षा के बारे में लोगों को जागरूक करना भी है। रैली की शुरुआत के साथ ही सड़क परिवान मंत्रालय के राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह की भी शुरुआत हो गई। इस अवसर पर लोगों को सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई।
सुषमा स्वराज ने सड़क उपयोगकर्ताओं को सड़क व्यवहार में सुधार के लिए गांधी के शांति, धैर्य और सहिष्णुता के सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने रोड-रेज के बढ़ते मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाओं का कारण वाहन चलाते समय मानसिक रूप से अशांत होना है। उन्होंने कहा गांधी के सिद्धांतों को अपनाने से लोगों को अधिक शांतिपूर्ण, धैर्यवान और सहनशील बनाने में मदद मिल सकती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
नितिन गडकरी ने कहा कि रैली का उद्देश्य लोगों में सत्य और अहिंसा के गांधीजी के संदेश को फैलाना है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के आदर्श आज के समय में बहुत प्रासंगिक हैं और दुनिया भर में लोगों द्वारा सम्मानित किए जाते हैं। गडकरी ने कहा चूंकि गांधी समाज के लिए एक प्रेरणा हैं, इसलिए उनकी 150वीं जयंती पर यह रैली सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर जागरुकता पैदा करने में बड़ा प्रभाव डाल सकती है।
गडकरी ने कहा कि देश में लगभग 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं और इसके परिणामस्वरूप जानमाल की भारी क्षति चिंता का प्रमुख कारण है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने के लिए बयाना कदम उठाए हैं, जिसमें दुर्घटना ब्लैक स्पॉट्स को सुधारना, बेहतर सड़क इंजीनियरिंग, ड्राइवरों का प्रशिक्षण और जागरुकता पैदा करना शामिल है।
राजघाट से प्रारंभ होकर यह रैली भारत में साबरमती, पोरबंदर, दांडी, यरवदा, सेवाग्राम, जबलपुर, लखनऊ, गोरखपुर, चौरी चौरा, चम्पारन, शांति निकेतन और कोलकाता से होकर गुजरेगी और फिर बांग्लादेश की राजधानी ढ़ाका पहुंचेगी। रैली 24 फरवरी को म्यांमार के यांगून पहुंचेगी। रैली 7250 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
रैली की एक प्रमुख विशेषता होगी खंबात की खाड़ी को रो-रो वेसल से पार करना। इस रैली को विदेश मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय आदि ने सहयोग प्रदान किया है। विभिन्न राज्यों में रैली की आगवानी करने और झंड़ी दिखाने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य महात्मा गांधी के बहुमूल्य विचारों का प्रचार-प्रसार करना है। बांग्लादेश और म्यांमार में ‘ड्राइव फॉर पीस’ इस रैली की थीम होगी। यह रैली सड़क पर सुरक्षित वाहन चलाने के संदेश का भी प्रचार-प्रसार करेगी।


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