देवेन्द्र स्वरूप जैसे कर्मशील ज्ञानी व्यक्ति की आज के युग में सबसे ज्यादा जरूरत: मोहन भागवत

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नई दिल्ली (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन राव भागवत ने सोमवार को लेखक एवं साहित्यकार देवेन्द्र स्वरूप को ऋषि की संज्ञा देते हुए कहा कि वह ज्ञानयोगी थे और सबके प्रति आत्मीयता का भाव रखते थे। उनके जैसे कर्मशील ज्ञानी व्यक्ति की आज के युग में सबसे ज्यादा जरूरत है।
दिल्ली के डॉ अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केन्द्र में सोमवार को स्व. देवेन्द्र स्वरूप की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था। इस श्रद्धांजलि सभा में उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू भी पहुंचे थे।
कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा कि देवेन्द्र स्वरूप सत्य की खोज में लगे रहते थे। वह अपनी बात बेहद बेबाक ढंग से बिना किसी हिचक के रखते थे। वह जीवनभर कर्मशील रहे। आज उनके जैसे ऋषि तुल्य समर्पित व्यक्तित्व की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने देश की ज्ञान परंपरा में बड़ा योगदान दिया है, जिसे हमें आगे ले जाना होगा।
भक्ति समन्वित, ज्ञान युक्त कर्मयोगी थे देवेन्द्र स्वरूपः राजनाथ सिंह
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वह उन्हें कर्मयोगी, ज्ञान योगी और भक्ति योगी तीनों रूपों में देखते हैं। वह सच्चे अर्थों में एक योगी ही थे, जिन्होंने समाज को अपना जीवन दिया, ज्ञान दिया और जाते-जाते अपना देह भी दान कर गए।
इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा के उनकी स्मृति में भेजे गए संदेशों को भी पढ़ा गया।
गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली ने कहा कि उनके निधन से समाज ने एक बहुमूल्य निधि खो दी है। वह अक्सर हिन्द स्वराज का उल्लेख किया करते थे और देश को पाश्चात्य प्रभाव से मुक्त करना चाहते थे।
देवेन्द्र स्वरूप के नाम से फेलोशिप देगा आईजीएनसीएः रामबहादुर राय
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र(आईजीएनसीए) के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय ने कहा कि एक मुलाकात में देवेन्द्रजी ने उनसे कहा था कि वह भारत की ज्ञान परंपरा और संघ के इतिहास पर कुछ लिखना चाहते थे। उनके इस अधूरे कार्य को पूरा करने से जुड़े शोधकार्य के लिए आईजीएनसीए 50 हजार रुपये प्रतिमाह की फैलोशिप देगा। इसके अलावा 30 मार्च को उनके जन्मदिन पर प्रतिवर्ष एक व्याख्यानमाला आयोजित करेगा।
विश्व हिन्दू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय एवं देवेन्द्र स्वरूप के पुत्र रोहित अग्रवाल भी मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में संघ से सह सरकार्यवाह डॉ कृष्ण गोपाल, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार, केन्द्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन, पीयूष गोयल एवं कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम से पूर्व निधि शर्मा ने भजन प्रस्तुति दी, जिसके बाद देवेन्द्र स्वरूप के जीवन पर प्रकाश डालती एक फिल्म दिखाई गई। कार्यक्रम में साहित्य एवं पत्रकार जगत से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।


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