पौष पूर्णिमा स्नान के साथ कल्पवास शुरु, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

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कुम्भनगरी(प्रयागराज), 21 जनवरी(हि.स.)। कुम्भ मेला क्षेत्र में पौष पूर्णिमा के स्नान, दान और जप-तप के साथ ही कल्पवास शुरु हो गया है। गंगा व संगम स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। संगम में डुबकी लगाकर पुण्यता पा रहे हैं।
मान्यता है कि कल्पवासी पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक संगम की रेती पर तप और साधना करते हैं। देशभर के गृहस्थ संगम तीरे टेंट में रहकर माहभर भजन-कीर्तन करते हैं। कल्पवासी विशेषकर उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल की सभी जिलें, मध्यप्रदेश, छतीसगढ़, बिहार, झारखण्ड समेत अन्य राज्यों से मोक्ष की आस में संतों के सानिध्य में समय व्यतीत करते हैं। सुख-सुविधाओं का त्याग करके दिन में एक बार भोजन व तीन बार गंगा स्नान करके तपस्वी का जीवन व्यतीत करत हैं।
मेला प्रशासन की मानें तो आज भी लाखों श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के स्नान के लिए साढ़े पांच किलोमीटर क्षेत्र के 35 घाटों पर व्यवस्था की गई है। सोमवार भोर से ही मेला क्षेत्र में वाहनों की इंट्री बंद कर दी गई।
कुम्भ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद और डीआईजी मेला केपी सिंह ने बताया कि तैयारियों के बीच कल्पवासियों तथा आम श्रद्धालुओं का स्नान शुरु हो गया है। बताया कि श्रद्धालुओं के भोजन के लिए मेला राशन, दूध आदि की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। सभी कल्पवासियों के राशन कार्ड 31 जनवरी तक बनाने का लक्ष्य है। राशन की दुकानों और गोदामों की पर्याप्त व्यवस्था है। शुद्ध पेयजल के लिए 5000 से अधिक स्टैंड पोस्ट नल लगे हैं।
डीआईजी कुम्भ केपी सिंह ने बताया कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं और कल्पवासियों की सुरक्षा की लगातार निगरानी हो रही है। अग्निशमन, जल-पुलिस एवं अन्य पुलिस-बल की व्यापक व्यवस्था है। 


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