अब मॉरीशस में बिखरेंगे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के रंग

0

कुरुक्षेत्र (हि.स.)। गीता स्थली कुरुक्षेत्र के बाद अब मॉरीशस में भी अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के रंग बिखरेंगे। महोत्सव के आयोजन पर मॉरीशस सरकार की कैबिनेट ने अपनी मोहर लगा दी है। इसका आयोजन 13 से 15 फरवरी 2019 तक किया जाएगा। इसमें भारत से 300 से ज्यादा डेलिगेट्स पहुंचेंगे। महोत्सव में त्रिपुरा के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी के प्रयासों से भी त्रिपुरा राज्य की सांस्कृतिक छटा भी मॉरीशस में देखने को मिलेगी।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने शनिवार को केडीबी कार्यालय में बातचीत करते हुए बताया कि कुरुक्षेत्र के बाद पहली बार विदेशी सरजमीं मॉरीशस की धरा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन के लिए मॉरीशस सरकार की कैबिनेट ने अपनी अनुमति देने की सूचना हरियाणा सरकार को भेज दी है। इसका आयोजन मॉरीशस में 13 से 15 फरवरी 2019 तक किया जाएगा। इस महोत्सव में मॉरीशस के साथ-साथ भारत की कई संस्थाएं शिरकत कर अपना योगदान देंगी। इस महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाने के लिए भारत के अन्य स्थानों के अलावा हरियाणा से भी कई सांस्कृतिक ग्रुप अपने प्रदेश की संस्कृति की छटा बिखेरेंगे।
उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के लिए मॉरीशस के राष्ट्रपति के नेतृत्व में एक विशेष कमेटी का गठन हुआ है। यह कमेटी मॉरीशस सांस्कृतिक विभाग के साथ मिलकर काम करेगी। महोत्सव के लिए इंडिया मॉरीशस ट्रैड एंड कल्चरल फेडरेशन फोरम का भी गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव में 250 लोगों को मॉरीशस ले जाने का खर्चा जीओ गीता संस्थान द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 14 व 15 फरवरी को गीता सेमिनार का आयोजन होगा, जिसमें गीता एज ऐन ऐपटॉम ऑफ पीस एंड ब्रदरहुड एंड हम्यूनिटी विषय पर चर्चा होगी।
मानद सचिव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से हरियाणा की संस्कृति को विदेशों में एक विशेष मंच मिलेगा। महोत्सव में त्रिपुरा के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी के प्रयासों से भी त्रिपुरा राज्य की सांस्कृतिक छटा भी मॉरीशस में देखने को मिलेगी। महोत्सव में पवित्र ग्रंथ गीता पर एक प्रदर्शनी और क्राफ्ट मेलेे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 16 फरवरी को ब्रह्मसरोवर की तर्ज पर मॉरीशस में गीता यज्ञ और आरती का भी आयोजन किया जाएगा।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *