राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने विवेकानंद को उनकी जयंती पर किया नमन

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नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को स्वामी विवेकानंद को उनकी जयंती पर नमन करते हुए कहा कि विवेकानंद के विचार हमें ऐसे भारत के निर्माण की प्रेरणा देते हैं जो मजबूत, जीवंत, समावेशी और कई क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व करने वाला हो।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने संदेश में कहा, स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर उनकी स्मृति को मैं नमन करता हूं। उस महान संत और राष्ट्र निर्माता के सम्मान में हम आज का दिन ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाते हैं। उनके विचारों और आदर्शों ने सभी पीढ़ियों को प्रभावित किया है और सदैव करते रहेंगे।
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की जन्मजयंती पर युवा दिवस के अवसर पर युवा साथियों से स्वामी जी के आदर्श से प्रेरणा लेने का आग्रह करता हूं। स्वामी जी के लेखों का अध्ययन करें और प्रेरणा लें। स्वामी विवेकानंद ने समाज के अध्यात्मिक नवसृजन की परिकल्पना की। उनका संन्यास न विरक्ति का था न आसक्ति का, बल्कि उनका अध्यात्म समाज की प्रति आस्तिकता से जुड़ा था। युवा दिवस के अवसर पर युवा स्वामी जी की आध्यात्मिक निष्ठा और आस्तिकता से प्रेरणा लें।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट संदेश में कहा ‘उठो, जागो और तब तक रुको मत जब तक लक्ष्य पूरा न हो जाए।’ इन प्रभावशाली शब्दों और समृद्ध विचारों का स्मरण करना ही स्वामी विवेकानंद के प्रति श्रद्धांजलि है। उन्होंने सेवा और त्याग के आदर्शों पर जोर दिया। युवा शक्ति में उनकी आस्था अटूट थी।
मोदी ने एक अन्य संदेश में लिखा ‘स्वामी विवेकानंद के विचार और आदर्श करोड़ों भारतीयों, विशेषकर हमारे युवाओं को प्रेरित और उत्साहित करते हैं। यह हमें ऐसे भारत के निर्माण की प्रेरणा देते हैं जो मजबूत, जीवंत, समावेशी हो और कई क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व करने वाला हो।’
वेदांत के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद का बचपन का नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। नरेंद्र का जन्म 12 जनवरी, 1863 को कलकत्ता शहर में हुआ था। वह 19 वीं सदी के रहस्यवादी गुरु रामकृष्ण के प्रमुख शिष्य थे। उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया


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