खशोगी हत्याकांड: दोषियों को मौत की सज़ा पर मिश्रित प्रतिक्रिया

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सऊदी में रह रहे जमाल खशोगी के पुत्र सलाह ने ट्वीट किया है कि उन्हें सऊदी न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उसने अपने विवेक से जो निर्णय दिया है, वह उन्हें मान्य है।



लॉस एंजेल्स, 24 दिसम्बर (हि.स.)। चर्चित पत्रकार जमाल खशोगी की निर्मम हत्या के अभियुक्तों को मौत की सज़ा दिए जाने के सऊदी अरब के फ़ैसले पर मिश्रित प्रतिक्रिया हो रही है। सऊदी में रह रहे जमाल खशोगी के पुत्र सलाह ने ट्वीट किया है कि उन्हें सऊदी न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उसने अपने विवेक से जो निर्णय दिया है, वह उन्हें मान्य है।

इस आदेश पर खशोगी की मंगेतर हटिके केंगीज ने कहा है कि उन्हें न्यायपालिका का यह निर्णय स्वीकार्य नहीं है। वाशिंगटन पोस्ट के प्रकाशक ने भी अपनी प्रतिक्रिया में इस पूरे मामले में पारदर्शिता नहीं बरते जाने पर अफ़सोस जताया है। उन्होंने कहा कि यह अदालती फ़ैसला शर्मनाक है।

वाशिंगटन पोस्ट के संवाददाता और ब्लॉगर जमाल खशोगी की निर्मम हत्या के आरोप में सोमवार को रियाद आपराधिक अदालत  ने  पांच अभियुक्तों को मौत की  सज़ा सुनाई थी जबकि तीन को आजीवन जेल की सज़ा सुनाई है। तीन अभियुक्तों को छोड़ दिया गया है। इनमें सऊदी अरब के प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान का कोई भी व्यक्ति नहीं है। खशोगी की पिछले साल इस्तांबुल में (टर्की) सऊदी कंसुलेट के अंदर निर्मम हत्या कर दी गयी थी। इस हत्या के सिलसिले में इन सभी 11 आरोपितों  के खिलाफ अदालती कार्रवाई की जा रही थी।  अदालत ने जिन पांच आरोपितों को मौत की सज़ा सुनाई है, इनमें शबीब ऐबलवी,तुर्की मसेर्रेफ अलशहरी, वलीड अब्दुल्ला अलशहरी, माहेर अब्दुलजीज मतरेब और डाक्टर सलाह मोहम्मद तबैज हैं।
इस न्यायिक फ़ैसले के बावजूद अन्तरराष्ट्रीय मंच पर सऊदी अरब की साख प्रभावित हो रही है। प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को यह न्यायिक आदेश भले ही ख़ुशगवार लगा हो लेकिन खशोगी की हत्या में उच्च स्तर पर शरीक कथित दो संदिग्ध आरोपितों को अदालती कार्रवाई से अलग-थलग रखा गया है। इसे लेकर कई तरह की आशंकाएं ज़ाहिर की जा रही हैं।

 


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