“वन नेशन-वन राशन कार्ड” में मान्य होगा पुराना राशन कार्ड: पासवान

0

तमिलनाडु, असम और दिल्ली सरकार से नहीं मिल रहा योजना को सहयोग



नई दिल्ली, 20 दिसम्बर (हि.स.)। केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने  अगले साल से देशभर में लागू होने वाली “वन नेशन-वन राशन कार्ड” योजना के संबंध में शुक्रवार को स्पष्ट किया कि इसके लिए उपभोक्ताओं को नया राशन कार्ड बनवाने की जरूरत नहीं होगी बल्कि मौजूदा राशन कार्ड ही मान्य होगा।

केंद्रीय मंत्री ने आज वन नेशन-वन राशन कार्ड” योजना की प्रगति पर समीक्षा बैठक की। यह योजना एक जून 2020 से देशभर में शुरू हो जाएगी। इसके तहत कोई भी लाभार्थी अपने वर्तमान राशनकार्ड के जरिए पूरे देश में कहीं से भी अपने हिस्से का अनाज ले सकेंगे। इस योजना के लिए नये राशन कार्ड बनवाने संबंधी खबरों का खंडन करते हुए कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को किसी नये राशनकार्ड की जरूरत नहीं है। आपका पुराना राशनकार्ड ही पूरे देश में मान्य होगा।

पासवान ने बैठक के बाद कहा कि राज्य के अंदर कहीं से भी अपने हिस्से का अनाज लेने की सुविधा 12 राज्यों में पूरी तौर पर और 4 राज्यों में आंशिक रूप से शुरू हो चुकी है। इन राज्यों के लाभार्थी अपने राज्य या जिले के अंदर ‘पॉइंट ऑफ सेल’ (पीओएस) आधारित राशन दुकान से अपने हिस्से का अनाज ले सकते हैं।

उन्होंने कहा कि वन नेशन वन राशनकार्ड योजना के तहत एक दूसरे से सटे आठ राज्यों के बीच पोर्टेबिलिटी शुरू हो चुकी है। अब आंध्रप्रदेश-तेलंगाना, गुजरात-महाराष्ट्र, हरियाणा-राजस्थान और कर्नाटक-केरल के लाभार्थी दोनों राज्यों के किसी भी राशन दुकान से अपने हिस्से का अनाज ले सकते हैं। इन आठ राज्यों के साथ 1 जनवरी 2020 से 4 और राज्य मध्यप्रदेश, गोवा, झारखंड और त्रिपुरा भी जुड़ जाएंगे और इनका एक क्लस्टर बन जाएगा। इन सभी 12 राज्यों के लाभार्थी इन राज्यों के किसी भी राशन दुकान से अपने हिस्से का अनाज ले सकेंगे।

पासवान ने कहा कि तमिलनाडु में शत-प्रतिशत आधार सिडिंग और सभी 34700 राशन दुकानों पर पीओएस मशीन की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद राज्य सरकार ने न लाभार्थियों का बायोमैट्रिक सत्यापन शुरू किया है, न राज्य के अंदर पोर्टेबिलिटी शुरू की है जो वन नेशन वन राशनकार्ड के तहत अनाज के वितरण के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि वन नेशन वन राशनकार्ड योजना के तहत सबसे जरूरी है सभी राशन दुकानों पर पीओएस मशीन का इस्तेमाल। असम सरकार ने अभी तक अपने राज्य के 38300 राशन दुकानों में पीओएस मशीन लगवाने के लिए कोई प्रयास शुरू नहीं किए हैं जबकि विभाग लगातार असम सरकार को इसे पूरा करने के लिए कहता रहा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के सभी राशन दुकानों में शत-प्रतिशत बायोमैट्रिक आधारित पीओएस मशीन के जरिए लेनदेन की व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद दिल्ली सरकार ने अप्रैल 2018 से ही इसका इस्तेमाल बंद कर रखा है। जबकि वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के लिए पीओएस मशीन से लेनदेन जरूरी है।

 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *