नागरिकता कानून के खिलाफ ममता की रैली को राज्यपाल ने बताया असंवैधानिक

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कोलकाता में डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने से सोमवार अपराह्न एक महा रैली निकाली जानी है। इसका नेतृत्व खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करेंगी।



कोलकाता, 16 दिसम्बर (हि.स.)। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ कोलकाता में प्रस्तावित तृणमूल सुप्रीमो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली को राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने असंवैधानिक करार दिया है।

उल्लेखनीय है कि कोलकाता में डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने से सोमवार अपराह्न एक महा रैली निकाली जानी है। इसका नेतृत्व खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करेंगी। नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ यह रैली होनी है, जिसे लेकर राज्यपाल ने सुबह-सुबह एक ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है, “मुझे इस बात का बहुत दु:ख है कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्री नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ रैली निकाल रहे हैं। अब यह कानून बन चुका है और इसके खिलाफ निकाली जाने वाली किसी भी तरह की रैली असंवैधानिक है। मैंने मुख्यमंत्री से इस असंवैधानिक और भड़काऊ कृत्य को रोकने की अपील की है। इससे हालात बिगड़ेंगे।”

दरअसल, मूल रूप से गैर मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देने के लक्ष्य से पारित हुए इस कानून के लागू होने से देश के नागरिकों की नागरिकता पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा। चूंकि इससे केवल मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता नहीं दी जा रही है, इसलिए बड़े पैमाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों में नाराजगी है और इसे विपक्षी पार्टियां भुनाना चाहती हैं। अल्पसंख्यकों को दरकिनार कर अगर कोई भी इसे अपने राज्य में लागू करता है तो इससे ऐसा संदेश जाएगा जैसे केंद्र के साथ इस मामले में वह भी खड़ा है।

मुस्लिम समुदाय का कहना है कि इस कानून के जरिए परोक्ष तौर पर मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है। इसलिए ममता बनर्जी इस कानून का विरोध कर रही हैं और दो टूक शब्दों में कह चुकी हैं कि इसे बंगाल में लागू नहीं करेंगी। अब इसी को लेकर सोमवार को कोलकाता में रैली होनी है, जिसकी आगवानी खुद ममता करेंगी। इसी पर राज्यपाल ने सवाल खड़ा किया है।


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