लॉस एंजेल्स, 12 दिसम्बर (हि.स.)। अमेरिकी नागर विमानन अथॉरिटी ने बुधवार को बोइंग 737 मैक्स के उड़ान पर सहमति दे दी है। इस विमान के उड़ान की सहमति दिए जाने के साथ यह भी आशंका जाहिर की गई है कि असावधानीवश कुछ और दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इस बोइंग 737 मैक्स विमान श्रेणी के इंडोनेशिया (अक्टूबर)और ईथोपिया (मार्च) में दो विमानों की दुर्घटना में 346 लोगों की मृत्यु हो गयी थी। इस बोइंग विमान कम्पनी के अधिकारियों ने विमान के साफ्टवेयर में पाए दोष को स्वीकार किया है।
अमेरिकी कांग्रेशनल समिति के सम्मुख बुधवार को प्रस्तुत साक्ष्य में दुर्घटना की जांच कर रहे सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि 737 मैक्स के स्वचालित कंट्रोल सिस्टम में दोष था। इसे एमसीएएस बताया गया है। बोइंग प्रबंधन ने यह भी माना है कि इस विमान की एकल सेंसर प्रणाली से ढेरों डाटा का आदान-प्रदान होता था। इसके लिए विमान चालक को प्रति क्षण चौकस रहने की जरूरत थी। उन्होंने यह भी कहा कि बोइंग नियामक ने एयरलाइन कम्पनियों को बार-बार अलर्ट संदेश भी भिजवाए थे लेकिन उन्होंने भी इसकी परवाह नहीं की।
इस पर डेमोक्रेट सांसद हेनरी जानसन ने नियामक अधिकारी से पूछा कि गलती तो हुई है? इस पर वह चेहरा नीचे लटकाए रहे। उधर बोइंग प्रबंधन ने भी साक्ष्य के समय एमसीएएस साफ्टवेयर में अपेक्षित सुधार किए जाने के प्रति आश्वस्त किया है। बोइंग स्टाफ ने यह भी स्वीकार किया है कि विमान की सुरक्षा की कीमत पर विमान की गति पर ज्यादा जोर देना भी ठीक नहीं था। इस विमान की यह विशेषता रही है कि इसकी स्पीड तो अधिक है ही, इसमें ईंधन की खपत भी कम है।
उल्लेखनीय है कि अथॉरिटी ने ईथोपिया में दूसरी विमान दुर्घटना के बावजूद अपने अमेरिकी विमानों की पांच महीनों तक उड़ानें बंद नहीं की थीं। इस पर इसके मुखिया स्टीव डिक्सन ने क्षमा याचना की है। डिक्सन ने अपने साक्ष्य में स्वीकार किया है कि गलती हुई है और परिणाम सुखद नहीं रहे।
अमेरिकी कांग्रेशनल समिति के सम्मुख इस विमान कंपनी के एक पूर्व प्रबंधक ने साक्ष्य में कहा है कि उन्हें इस विमान की कमियों के बारे में जानकारी थी लेकिन किसी कारणवश अपना मुंह नहीं खोल सके थे। इसके बावजूद दूसरी घटना उनके एक पत्र लिखने के बाद हुई। प्रबंधन ने इसका संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने यह भी कहा है कि विमान चालकों से दोहरी ड्यूटी ली जाती है और वे विमान के उड़ान भरने से पूर्व कुशल तरोताजा नहीं होते।
