नई दिल्ली, 12 दिसम्बर (हि.स.)। अगले हफ्ते जीएसटी कांउसिल की होने वाली बैठक में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) स्लैब में बदलाव होने की संभावना है। दरअसल सरकार अर्थव्यवस्था में जारी सुस्ती से निपटने के लिए रेवन्यू कलेक्शन (राजस्व संग्रह) बढ़ाने के लिए यह कदम उठा सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 18 दिसम्बर को जीएसटी कांउसिल की बैठक होने वाली है।
सूत्रों ने बुधवार को बताया कि इस वर्ष जीएसटी संग्रह में गिरावट दर्ज की गई है। टैक्स (कर) संग्रह में आई कमी की वजह से केंद्र सरकार को हर महीने करीब 13,750 करोड़ रुपये राज्यों को बतौर मुआवजा देना पड़ रहा है।
जीएसटी कांउसिल की बैठक में स्लैब में बदलाव संभव
सूत्रों के मुताबिक जीएसटी के मौजूदा स्लैब में सरकार बदलाव कर सकती है, ताकि राजस्व संग्रह को बढ़ाया जा सके। गौरतलब है कि अभी जीएसटी के 4 स्लैब हैं, जिसमें 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी। इनमें 28 फीसदी टैक्स स्लैब के तहत आने वाली वस्तुओं पर सेस भी लगता है, जो कि 1 से 25 फीसदी के बीच हो सकता है।
इस बीच केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों ने बैठक की। इस बैठक में टैक्स स्लैब को बढ़ाने की सिफारिशें की गई, जिसमें 5 फीसदी टैक्स स्लैब को बढ़ाकर आठ फीसदी और 12 फीसदी के टैक्स स्लैब को 15 फीसदी किया जा सकता है। इसके अलावा बैठक में जो वस्तु जीएसटी के दायरे में नहीं है, उसे दायरे में लाने और राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए कुछ चीजों पर सेस भी लगाया जा सकता है।
