नई दिल्ली/मुम्बई, 06 दिसम्बर (हि.स.)। वोड़ाफोन आइडिया लिमिटेड के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने एक लीटरशीप समिट में शुक्रवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार कंपनी को राहत नहीं देती है तो उन्हें कंपनी बंद करना पड़ेगा। बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने गत 24 अक्टूबर को एक आदेश देकर कहा था कि वोडाफोन-आइडिया जैसी कंपनियां 92,000 करोड़ तक का कर्ज टेलीकॉम डिपार्टमेंट में तीन महीनों के अंदर जमा करें।
कुमार बिड़ला ने कहा कि अगर सरकार की तरफ से कंपनी को कोई राहत नहीं दी जाती है तो उनका समूह इसमें इन्वेस्ट नहीं करेगा। एक प्रश्न के उत्तर में बिरला ने कहा कि डिजिटल इंडिया प्रोग्राम इसी पर निर्भर है। यह सेक्टर स्ट्रेटेजिक सेक्टर है। उन्होंने कहा है कि उन्हें पब्लिक सेक्टर से एक और प्राइवेट सेक्टर से तीन कंपनियां चाहिए तो हम उम्मीद कर रहे हैं कि हमें सरकार की ओर से कुछ राहत मिलेगी क्योंकि सेक्टर के सर्वाइवल के लिए यह जरूरी है। अगर हमें कुछ नहीं मिलता है तो हमें समझ लेना चाहिए कि कंपनी के लिए आगे का रास्ता बंद है।
बिरला ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार इस सेक्टर को राहत जरुर देगी और ऐसी नौबत नहीं आने देगी। अगर कंपनी को राहत नहीं मिली तो कंपनी को बंद करना पड़ेगा क्योंकि दुनिया में ऐसी कोई कंपनी नहीं है जो तीन महीनों में इतना बड़ा जुर्माना भर सके। बता दें कि बिड़ला के बयान के बाद वोडाफोन आइडिया के शेयर बम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 8.5 फीसदी गिरकर 6.69 रुपये प्रति शेयर पर आ गए।
