36 नर्सों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड

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केरल की लिनी सजिश को मरणोपरांत किया गया सम्मानित 



नई दिल्ली, 05 दिसम्बर (हि.स.) स्वास्थ्य के क्षेत्र में सराहनीय सेवाओं के लिए गुरुवार को देश की 36 नर्सों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड से सम्मानित किया गया। इनमें केरल की लिनी सजिश भी शामिल हैं। उनकी मौत निपाह वायरस पीड़ित मरीज का इलाज करते हो गई थी। लिनी का अवार्ड उनके पति सजिश ने ग्रहण किया। सभी अवार्ड पाने वाले वालों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बधाई।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित अवार्ड समारोह में मुख्य अतिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विशेषतौर लिनी के साहस और करुणा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नर्सें सेवा और करुणा की मूर्त रूप हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में काम कर रहीं नर्सें राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पोलियो उन्मूलन, मलेरिया और एचआईवी के प्रति लोगों को जागरूक करने की दिशा में भी नर्सें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मौजूदा समय में प्रशिक्षित नर्सों की आवश्यकता बढ़ी है।

राष्ट्रपित ने कहा मरीजों की देखभाल करने वाले तिमारदारों को प्रशिक्षित करने की जरूरत है। देश को नर्सों के सेवाभाव औऱ समर्पित योगदान पर गर्व है।  इनके काम को सम्मानित करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साल 2020 को नर्स और मिडवाइफ के नाम समर्पित किया है। साल 2020 फ्लोरेंस नाइटिंगल की 200वीं वर्षगांठ हैं।

इस मौके पर केन्द्रीय स्वास्थ्यमंत्री डॉ. हर्षवर्धन, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्वनी चौबे और स्वास्थ्य  मंत्रालय के सचिव मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड की शुरुआत वर्ष 1973 में की गई थी।


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