15वें वित्त आयोग का कार्यकाल बढ़ा, कैबिनेट ने किये कई और बदलाव

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केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले से वित्तीय घाटे का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलने की संभावना जताई जा रही है।



नई दिल्‍ली, 27 नवम्बर (हि.स.)। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में कई बड़े फैसले किये गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 15वें वित्‍त आयोग के कार्यकाल को बढ़ाने की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने 15वें वित्त आयोग का कार्यकाल 12 महीने बढ़ाने का फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले से वित्तीय घाटे का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलने की संभावना जताई जा रही है।
संसद भवन एनेक्सी में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एक रुपया लाइसेंस शुल्क की दर से 15 साल की अवधि के लिए आंध्र प्रदेश शिक्षा और कल्याण अवसंरचना विकास निगम को भारत के इवाईअड्डा प्राधिकरण के 1800 वर्गमीटर जमीन के आवंटन को भी मंजूरी दी गई है।
इसके साथ ही जूट इंडस्ट्री के लिए भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने सभी अनाजों की 100 फीसदी पैकेजिंग में जूट की बोरियों के इस्तेमाल को अनिवार्य कर दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस बैठक में सिक्किम माइनिंग कॉर्पोरेशन के बकाया 4 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज़ और ब्याज के पुनर्भुगतान की छूट को भी मंजूरी दे दी है।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई अन्‍य फैसले लिये गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की अधिकृत पूंजी को मौजूदा 3500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 हजार करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले से अधिकृत पूंजी में बढ़ोतरी के साथ अतिरिक्त इक्विटी पूंजी को एफसीआई में केंद्रीय बजट के जरिये उपयोग किया जा सकता है। इससे एफसीआई की उधारी में कमी के साथ-साथ एफसीआई की ब्याज लागत में कमी और खाद्य सब्सिडी में कम होगी।

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