चीन में उइगर मुसलमानों से कैदी जैसा व्यवहार

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हालांकि ब्रिटेन में चीन के राजदूत ने इस दस्तावेज को फर्जी कहकर खारिज कर दिया है। 



लंदन, 25 नवम्बर  (हि.स.)। चीन सरकार यह कहती रही है कि शिनजियांग प्रांत में बनाए गए शिविरों में शिक्षा और प्रशिक्षण मुहैया कराया जाता है, लेकिन लीक दस्तावेजों से कुछ और ही हकीकत सामने आए हैं।

बीबीसी के मुताबिक, आधिकारिक दस्तावेज से पता चला है कि इन शिविरों में उइगर मुसलमानों को जेलों में बंद लोगों की तरह रखा जा रहा है, सजा दी जाती है और जबरदस्ती खास तरह के विचार सिखाए जाते हैं।

हालांकि ब्रिटेन में चीन के राजदूत ने इस दस्तावेज को फर्जी कहकर खारिज कर दिया है। ये दस्तावेज इंटरनेशनल कंजॉर्टियम ऑफ इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आईसीआईजे) को लीक किए गए। बीबीसी पनोरमा और द गार्जियन ब्रिटेन में इसके मीडिया पार्टनर हैं।

शिनजियांग में पिछले तीन साल में ये हिरासत केंद्र बनाए गए हैं। एक अनुमान के मुताबिक, इनमें करीब दस लाख लोगों को अवैध हिरासत में रखा गया है जिनमें अधिकांश उइगर मुस्लिम हैं। चीन का दावा है कि यहां इन्हें स्वेच्छा से शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन जांच में मिले नए सबूत चीन के दावों के उलट इशारा करते हैं।

इन लीक हुए दस्तावेजों को आईसीआईजे ने ‘द चाइना केबल्स’ कहा है। इनमें शिनजियांग में कम्युनिस्ट पार्टी के तत्कालीन उप-सचिव झू हैलून का नौ पन्नों का मेमो भी शामिल है जो उन्होंने 2017 में क्षेत्र के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी को लिखा था।

इन निर्देशों में साफ था कि इन शिविरों को सख़्ती से, सज़ाओं वाले हाई सिक्योरिटी जेल की तरह चलाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई कैदी भाग न सके।

 

 


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