जेएनयू : विद्यार्थियों के विरोध-प्रदर्शन में 6 घंटे फंसे निशंक, मंत्री का कार्यक्रम टला

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निशंक ने बाद में विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं पर त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया।



नई दिल्ली, 11 नवम्बर (हि.स.)। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में फीस बढ़ोतरी के विरोध में सोमवार को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद(एआईसीटीई) सभागार में जेएनयू दीक्षांत समारोह के दौरान विद्यार्थियों के प्रदर्शन के कारण केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक लगभग छह घंटे तक फंसे रहे। इसके फलस्वरूप अपराह्न लगभग तीन बजे शास्त्री भवन में ‘स्वयं 2.0’ पोर्टल लॉन्च का उनका निर्धारित कार्यक्रम टाल दिया गया। निशंक ने बाद में विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं पर त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

जेएनयू का तीसरा दीक्षांत समारोह आज (सोमवार को) वसंत कुंज स्थित एआईसीटीई सभागार में आयोजित किया गया। फीस वृद्धि, ड्रेस कोड, आने-जाने पर पाबंदी और छात्रावास से जुड़े नए नियम कानून को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थी इस बात से भी नाराज थे कि उनका दीक्षांत समारोह जेएनयू परिसर के बाहर अन्य संस्थान में आयोजित किया जा रहा है। ऐसे में छात्र सुबह से ही आयोजन स्थल के बाहर जमा हो गए और जमकर हंगामा किया। दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री निशंक बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

प्रदर्शन के कारण केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक एआईसीटीई परिसर से बाहर नहीं निकल सके। ऐसे में दोपहर करीब एक बजे उन्होंने प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात पर उनकी मांगों पर सहमति जताई। इस पर जेएनूय छात्र संघ की अध्यक्ष आईसी घोष और उपाध्यक्ष साकेत मून ने मंत्री से मुलाकात कर मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा। हालांकि इसके बाद भी छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। असल में छात्र नेता निशंक से मुलाकात के बाद बाहर आने पर कुलपति से भी मुलाकात की मांग करने लगे। ऐसे में करीब 4.30 बजे भारी सुरक्षा के बीच दोनों को बाहर निकाला गया।

मानव संसाधन और विकास मंत्रालय ने ट्विटर पर कहा, एआईसीटीई परिसर में आज मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने जेएनयू विद्यार्थियों से उनकी समस्याओं को लेकर सकारात्मक वार्ता की। केंद्रीय मंत्री ने यह आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का शीघ्र ही उचित हल निकाला जाएगा।

छात्रों ने जेएनयू से वसंत कुंज स्थित कार्यक्रम स्थल तक मार्च निकाला। जेएनयू दीक्षांत समारोह के मद्देनजर पुलिस ने आयोजन स्थल की तरफ जाने वाली सड़कों पर बेरिकेट्स लगा रखे थे। बड़ी संख्या में सीआरपीएफ और दिल्ली पुलिस के जवान वहां तैनात थे। बावजूद इसके छात्र उन्हें लांघकर एआईसीटीई के बाहर पहुंच गए। इस दौरान कई बार पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुईं। प्रदर्शनकारी छात्रों को काबू करने के लिए पुलिस वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।

 


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