समुद्र जल स्तर बढ़ने से 48 करोड़ लोग प्रभावित होंगे

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एक नयी स्टडी में कहा गया है कि पेरिस समझौते के अनुसार गैस उत्सर्जन पर अंकुश लगाए जाने के बावजूद समुद्र जल स्तर की वृद्धि में कोई अंतर नहीं पड़ेगा। 



लॉस एंजेल्स, 07 नवम्बर (हि.स.)। मौसम वैज्ञानिकों ने एक स्टडी में चेतावनी दी है कि कालांतर में समुद्र जल स्तर बढ़ने से दुनिया भर के तकरीबन 48 करोड़ लोग प्रभवित होंगे। एक नयी स्टडी में कहा गया है कि पेरिस समझौते के अनुसार गैस उत्सर्जन पर अंकुश लगाए जाने के बावजूद समुद्र जल स्तर की वृद्धि में कोई अंतर नहीं पड़ेगा।
नेशनल एकेडमी आफ साइंस के जर्नल में प्रकाशित स्टडी में कहा गया है कि सन 2016 से 2030 के बीच गैस उत्सर्जन पर अंकुश लगाने के बावजूद सन 2300 में समुद्र जल स्तर क़रीब बीस सेंटीमीटर बढ़ जाएगा। अमेरिका की ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी के पीटर क्लार्क ने दावा किया है कि हम जैसे जैसे अतिरिक्त कार्बन उत्सर्जन करेंगे, तापमान का स्तर बढ़ता जाएगा। सागर के जलस्तर बढ़ने की प्रक्रिया में अटलांटिक आइस शीत के गलने पर ज़्यादा असर नहीं होगा। संयुक्त राष्ट्र के दिशा निर्देशानुसार पेरिस समझौते के अनुसार तापमान को दो डिग्री सेंटीग्रेड से कम रखने का प्रयास है।
एक पृथक स्टडी में कहा गया है कि विश्व भर में तापमान का स्तर दो डिग्री सेंटीग्रेड तक बदस्तूर बढ़ना जारी रहता है तो उत्तरी ध्रुवीय सागर पूरी तरह विलुप्त हो जाएगा।

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