नागपुर, 06 नवम्बर (हि.स.)। महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहा सत्ता का गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिवसेना और भाजपा के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर हो रही खींचतान के चलते मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री फडणवीस अचानक नागपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर उतरने के बाद फडणवीस का काफिला सीधे महाल स्थित संघ मुख्यालय पहुंचा। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और फडणवीस के बीच एक घंटे से भी अधिक समय तक चर्चा हुई।
बीते 24 अक्टूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए। राज्य में भाजपा के 105, शिवसेना 56, कांंग्रेस 44 और एनसीपी के 54 विधायक निर्वाचित हुए। कुल 288 सीटोंं वाली महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत के लिए 145 सीटो की जरूरत होती है। चुनाव से पहले हुए गठबंधन के अनुसार राज्य में शिवसेना-बीजेपी गठबंधन की सरकार बनना तय माना जा रहा था लेकिन चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद के लिए दावा कर दिया। दोनोंं पार्टियांं ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद अपने पास रखने की मांग शिवसेना नेता संजय राऊत ने कर दी। भाजपा ने शिवसेना की इस मांग को सिरे से नकार दिया। नतीजतन राज्य में राजनीतिक गतिरोध पैदा हो गया है।
महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए भाजपा-शिवसेना में बढ़ रही राजनीतिक उलझनोंं के चलते एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। वहींं एनसीपी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील ने मुंबई में प्रेस कान्फ्रेंस करके राज्य में अगला मुख्यमंत्री शिवसेना का बनने का दावा कर दिया। विरोधियोंं की ओर से खेली जा रही सियासी चालोंं का जवाब देने मुख्यमंत्री फडणवीस भी सोमवार दिल्ली जा पहुंचे। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और केन्द्रीय मंत्री नितीन गडकरी से मुलाकात की। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मंगलवार को महाराष्ट्र के बीजेपी नेताओंं ने सरकार बनाने के बारे में सकारात्मक बयान दिए। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने कहा कि राज्य में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की सरकार बनेगी और फडणवीस ही मुख्यमंत्री होंगे। वहींं राज्य के जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन ने भी बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की सरकार बनने का दावा किया।
महाराष्ट्र की राजनीति में मंगलवार को दिनभर चली गहमा-गहमी के बाद मुख्यमंत्री देर रात अचानक नागपुर पहुंचे। नागपुर एयरपोर्ट से वह सीधे संघ मुख्यालय पहुंचे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का इतिहास रहा है कि स्थापना से लेकर अब तक संघ सीधे तौर पर राजनीतिक मामलोंं में दखल नहींं देता लेकिन यदि कोई राजनेता संघ का मार्गदर्शन लेने पहुंचता है तो उसे सही दिशा दिखाई जाती है। मंगलवार रात 9.30 बजे संघ मुख्यालय पहुंचे फडणवीस ने सरसंघचालक से रात 11 बजे तक चर्चा की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारोंं में तेजी से चर्चाएंं बढ़ गई हैंं।
ऐहतियात बरतने की दी सलाह
मुलाकात के बारे में सूत्रोंं के अनुसार राम जन्मभूमि मामले में 13 या 14 नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। इस फैसले के बाद किसी भी प्रकार का धार्मिक उन्माद रोकने के लिए संघ प्रयासरत है। महाराष्ट्र का गृह विभाग संभालनेवाले फडणवीस के कंधोंं पर राज्य के सुरक्षा की जिम्मेदारी है। इसलिए इस मुलाकात के दौरान सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने फडणवीस को राज्य की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए आगाह किया तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी ना होने देने के लिए ऐहतियात बरतने की सलाह दी।
