विज्ञान महोत्सव में प्रधानमंत्री का संदेश- दूरगामी प्रभाव और स्थायी समाधान के साथ बढ़ें आगे

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लॉन्ग टर्म बेनिफिट लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन’ के विचार के साथ आगे बढ़िये : मोदी



कोलकाता, 05 नवम्बर (हि.स.)। कोलकाता के विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में पांचवें इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (आईआईएसएफ) का मंगलवार को शुभारम्भ हुआ। इस चार दिवसीय फेस्टिवल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया। इस दौरान देशभर के वैज्ञानिकों को संदेश देते हुए मोदी ने कहा कि देश की वैज्ञानिक खोज और विकास उस दिशा में बढ़नी चाहिए ताकि उसका प्रभाव दूरगामी हो और समाधान स्थायी हो। उन्होंने कहा कि आईआईएसएफ का 5वां एडिशन ऐसे स्थान पर हो रहा है, जिसने ज्ञान-विज्ञान के हर क्षेत्र में मानवता की सेवा करने वाली महान विभूतियों को पैदा किया है। ये फेस्टिवल ऐसे समय में हो रहा है, जब सात नवम्बर को सी.वी. रमन और 30 नवम्बर को जगदीश चंद्र बोस की जयंती मनाई जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में साइंस और टेक्नोलॉजी का इकोसिस्टम बहुत मजबूत होना चाहिए। एक ऐसा इकोसिस्टम जो प्रभावी भी हो और पीढ़ी दर पीढ़ी प्रेरणा देने वाला भी। हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। विज्ञान के क्षेत्र में वर्तमान केंद्र सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे विद्यार्थी देश की चुनौतियों को अपने तरीके से सॉल्व करें इसके लिए लाखों-लाख छात्रों को अलग-अलग हैकाथॉन में शामिल होने का अवसर दिया गया। इसके अलावा नीतियों और आर्थिक मदद के जरिए हजारों स्टार्टअप को सपोर्ट किया गया है। मुझे खुशी है कि देश में आज साइंटिफिक टेंपर एक अलग स्तर पर है। चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आपको हाल ही का एक उदाहरण देता हूं। हमारे वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-2 पर बहुत मेहनत की थी और इससे बहुत उम्मीदें पैदा हुई थीं। सब कुछ योजना के अनुसार नहीं हुआ, फिर भी यह मिशन सफल था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी को ध्यान में रखते हुए हमें सोचना होगा कि साइंस का उपयोग कैसे लोगों के जीवन को सुगम बनाने में किया जा सकता है। मेरा आपसे आग्रह ये भी होगा कि “लॉन्ग टर्म बेनिफिट लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन” के बारे में सोचते हुए आगे बढ़िए। इन सारे प्रयासों के बीच आपको अंतरराष्ट्रीय नियमों, उसके मापदंडों का भी हमेशा ध्यान रखना होगा।‌ प्रधानमंत्री ने कहा कि साइंस में विफलता नहीं होती, सिर्फ प्रयास होते हैं, प्रयोग होते हैं और सफलता होती है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए आप आगे बढ़ेंगे तो विज्ञान के क्षेत्र में भी आपको दिक्कत नहीं आएगी और जीवन में भी।

 


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