चक्रवाती तूफान ‘क्यार’ से पोरबंदर के समुद्र में 4 फीट तक ऊंची उठीं लहरें

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मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी, 700 से अधिक नौकाओं को वापस भेजा गया



अहमदाबाद/पोरबंदर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। चक्रवाती तूफान ‘क्यार’ की वजह से पोरबंदर समुद्र में दो से चार फीट तक लहरें उठ रही हैं। कई जगहों पर बादल छाए हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हुई है। जफराबाद के तट पर आने वाली 700 से अधिक नौकाओं को सुरक्षित भेज दिया गया है। अरब सागर के जफराबाद, पिपावाव पोर्ट और शियालबेट तट पर में चक्रवात का असर देखने को मिला है। समुद्र में लहरों के प्रवाह के कारण अमरेली जिले में वर्षा की संभावना बढ़ गयी है।
हल्की बारिश की संभावना
अरब सागर में सक्रिय ‘क्यार’ तूफान के प्रभाव के कारण अगले चार दिनों तक राज्य का वातावरण बाधित रहेगा। बादल छाए रहने से इस वर्ष में दीवाली में नवरात्रि जैसी बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से दक्षिणी गुजरात, सौराष्ट्र और मध्य गुजरात सहित 50 प्रतिशत राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।अहमदाबाद का अधिकतम तापमान 31.3 डिग्री से सामान्य से 3.9 डिग्री अधिक और न्यूनतम तापमान सामान्य से 21 .4 डिग्री अधिक दर्ज किया गया जिसके प्रभाव से लोगों को दिन में बादल छाए रहने के बावजूद गर्मी का अनुभव करना पड़ा। अहमदाबाद में अगले चार दिनों तक बादल छाए रहेंगे लेकिन बारिश की संभावना नहीं है। उत्तर गुजरात को छोड़कर, सौराष्ट्र, दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है जिससे दो दिनों में ठंडी हवाओं के कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान कम हो गए हैं।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान की वजह से ठंडी हवा चलने से लोग सर्दी की शुरुआत का अनुभव कर रहे हैं। दो दिन पहले अरब सागर में कम दबाव सक्रिय होने से चक्रवाती तूफान ‘क्यार’ का असर दिख रहा है।दक्षिण गुजरात राज्य, सौराष्ट्र और मध्य गुजरात के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहे। राज्य में 30 अक्टूबर तक बादल छाए रहने की सम्भावना है। तूफान क्यार के चलते द्वारका से कोटड़ा तक समुद्र में ऊंची लहरें देखी गई। मधवाड गांव में समुद्री पानी घुसने से एक घर की दीवार ढह गई है। वर्षों से ग्रामीण मधवाड़ से समुद्र के आगे सुरक्षा दीवार की मांग कर रहे हैं लेकिन सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई।

 


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