जब दिल्ली से काबुल जा रहे यात्री विमान को घेर लिया पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने

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नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के सूत्रों ने उक्त जानकारी देते हुए आज बताया कि यह घटना पिछले महीने 23 सितम्बर की है। उस वक्त स्पाइस जेट विमान में 120 यात्री सवार थे।



नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय वायुसेना द्वारा आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए की गई एयर स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तानी सेना खौफ से बाहर नहीं आ सकी है। आलम यह है कि नई दिल्‍ली से काबुल जा रहे स्‍पाइस जेट के एक यात्री विमान को पाकिस्‍तानी वायुसेना के लड़ाकू जहाजों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। हालांकि बाद में पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू जहाजों ने यात्री विमान को अपने एयर स्पेस से बाहर तक एस्कॉर्ट किया।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के सूत्रों ने उक्त जानकारी देते हुए आज बताया कि यह घटना पिछले महीने 23 सितम्बर की है। उस वक्त स्पाइस जेट विमान में 120 यात्री सवार थे।

डीजीसीए के एक अन्य अधिकारी के अनुसार पाकिस्तानी वायुसेना के भ्रम के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। दरअसल, जब बोइंग 737 विमान पाकिस्‍तान के एयर स्पेस में पहुंचा तो उसे दिए गए ‘कॉल साइन’ को लेकर भ्रम की स्थिति उत्‍पन्‍न हो गई, जिसकी वजह से पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने यात्री विमान को घेर लिया। लड़ाकू विमानों ने स्पाइसजेट के यात्री विमान को अपनी ऊंचाई कम करने को कहा। स्पाइस जेट के पायलट ने जब लड़ाकू विमानों से बात की और अपनी पहचान यात्री विमान के तौर पर कराई तब जाकर उन्होंने विमान को अपने एयर स्पेस से बाहर जाने दिया। लड़ाकू विमानों ने यात्री विमान को एस्कॉर्ट कर एयर स्पेस से बाहर पहुंचाया था।

जब तक यात्री विमान अफगानिस्‍तान के एयर स्पेस में नहीं पहुंच गया तब तक लड़ाकू विमानों ने उसे एस्‍कॉर्ट किया । हालांकि स्‍पाइसजेट की ओर से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्‍तान ने 26 फरवरी को बालाकोट में जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी प्रशिक्षण शिविरों पर भारतीय वायुसेना के हमले के बाद से अपना एयर स्पेस भारत के लिए बंद कर रखा था। बाद में उसने जुलाई माह में आंशिक तौर पर एयर स्पेस खोलने का फैसला किया।

 


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