दो माह की नजरबंदी के बाद अपने पार्टी नेताओं से मिलकर ‘अब्दुल्ला’ के चेहरे खिल उठे

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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद से 81 वर्षीय फारूक अब्दुल्ला श्रीनगर स्थित अपने आवास पर नजरबंद हैं, जबकि उमर अब्दुल्ला को स्टेट गेस्ट हाउस में हिरासत में रखा गया है।



श्रीनगर, 06 अक्टूबर (हि.स.)। दो माह से नजरबन्द नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष व सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने पार्टी के पूर्व विधायकों सहित कार्यकर्ताओं के 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को श्रीनगर में मुलाकात की। समझा जाता है कि प्रतिनिधिमंडल ने मौजूदा हालातों तथा राज्य में होने जा रहे बीडीसी चुनावों को लेकर चर्चा की। नजरबंदी के बाद पहली बार पार्टी नेताओं से मिले फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के चेहरे खिल उठे।
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद से 81 वर्षीय फारूक अब्दुल्ला श्रीनगर स्थित अपने आवास पर नजरबंद हैं, जबकि उमर अब्दुल्ला को स्टेट गेस्ट हाउस में हिरासत में रखा गया है। डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर आरोप है कि वह भड़काऊ बयानबाजी करके लोगों को सरकार के खिलाफ भड़काने के साथ ही कानून-व्यवस्था खराब करने का प्रयास कर रहे हैं जिसके चलते उन पर पीएसए लगाया गया है। इसके साथ ही उन पर आतंकवादियों और अलगाववादियों को बढ़ावा देने वाली बयानबाजी करने का आरोप भी है। राज्य में बीडीसी चुनावों को देखते हुए जम्मू संभाग के सभी नेताओं की नजरबंदी व उन पर लगे प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। नेशनल कांफ्रेंस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र राणा के नेतृत्व में जय सडोत्रा, सुरजीत सिंह सलाथिया, रतन लाल गुप्ता, रछपाल सिंह, सज्जाद किचलू, जावेद राणा, मुश्ताक बुखारी, रामपाल, एजाज जान, कश्मीरा सिंह, टीएस वजीर, विजय बकाया सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिला था और उनसे पार्टी के दोनों वरिष्ठ नेताओं से मिलने की अनुमति मांगी थी। राज्यपाल की अनुमति के बाद यह प्रतिनिधिमंडल रविवार को डॉ. फारूक अब्दुल्ला से मिला।
देवेंद्र राणा ने फारूक और उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद कहा कि हम खुश हैं कि वे दोनों अच्छी तरह से हैं लेकिन निश्चित रूप से वे राज्य के घटनाक्रम से पीड़ित हैं। अगर राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करनी है तो मुख्यधारा के नेताओं को छोड़ना होगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला रविवार को नजरबंदी के बाद पहली बार अपनों से मिले तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी। पार्टी प्रवक्ता मदन मंटू ने बताया कि पार्टी के जम्मू संभाग के जिला अध्यक्षों और अन्य वरिष्ठ नेताओं की आकस्मिक बैठक में फारूक और उमर अब्दुल्ला से मिलने का फैसला लिया गया था।
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए जाने के बाद राज्य में पहली बार बीडीसी 24 अक्टूबर को चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर है। माना जा रहा है कि प्रतिनिधिमंडल ने दोनों नेताओं से मौजूदा हालातों तथा राज्य में होने जा रहे बीडीसी चुनावों को लेकर चर्चा की।

 


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